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अभी नहीं घटने वाली हैं ब्याज दरें

Fri, 16 Nov 2012 08:07 PM IST
पुणे/एजेंसी
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रिजर्व बैंक फिलहाल ब्याज दरों के मोर्चे पर राहत देने के मूड में नहीं है। रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि मुद्रास्फीति अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई है और उसे नियंत्रित करना उसकी प्राथमिकता है। हालांकि, रिजर्व बैंक आर्थिक विकास के प्रति भी सचेत है। वहीं, सरकार और उद्योग संगठनों ने आरबीआई पर नीतिगत दरों में कटौती करने का दबाव बनाया हुआ है।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि महंगाई दर अभी भी ऊंची बनी हुई है और नीतिगत दरों में कटौती की तत्काल कोई उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। सुब्बाराव ने कहा कि हम अत्यधिक सतर्क हैं। हम सतर्क हैं विकास के लिए और बेशक हमें उतनी ही चिंता महंगाई की भी है। 7.45 फीसदी की महंगाई दर निश्चित रूप से अभी भी ऊंची है। रिजर्व बैंक आर्थिक विकास को लेकर भी चिंतित है।

सुब्बाराव का यह बयान महंगाई दर में गिरावट और नकारात्मक औद्योगिक उत्पादन को देखते हुए रिजर्व बैंक द्वारा दरों में कटौती किए जाने की सरकार और उद्योग जगत की उम्मीदों के बीच आया है। अक्तूबर में प्रधान महंगाई दर के आठ माह के निचले स्तर 7.45 फीसदी पर रही। सितंबर में थोक मूल्य आधारित महंगाई दर 7.81 फीसदी रही थी।
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गौरतलब है कि सितंबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर नकारात्मक 0.40 फीसदी रही थी। जबकि, पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 5.5 फीसदी दर्ज की गई। गत 30 अक्तूबर को अपनी मौद्रिक नीति एवं कर्ज समीक्षा में सुब्बाराव ने कहा था कि 2013 के शुरू में महंगाई दर के नीचे आने की उम्मीद है। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिए थे कि जनवरी में ही ब्याज दरों के मोर्चे पर राहत दे पाना संभव होगा। रिजर्व बैंक आगामी 18 दिसंबर को अपनी मध्य तिमाही मौद्रिक समीक्षा पेश करेगा।
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