बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफा एमएल) ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्तवर्ष के दौरान प्रमुख दरों में 0.75 फीसदी की कटौती कर सकता है।
साथ ही वर्ष के दौरान रिजर्व बैंक का फोकस महंगाई से लड़ने की बजाय विकास को बढ़ावा देने की ओर हो सकता है।
बोफा एमएल इंडिया के अर्थशास्त्री इंद्रनील सेन गुप्ता ने एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा कि हम इससे इनकार नहीं कर सकते कि सख्त मौद्रिक नीति महंगाई पर काबू पाने की बजाय गैर उत्पादक और विकास दर को प्रभावित करने वाली हो जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक 3 मई को मौद्रिक समीक्षा में सीआरआर में 0.25 फीसदी, जून व जुलाई में रेपो रेट में 0.25 फीसदी, अक्तूबर में सीआरआर में 0.25 फीसदी और जनवरी में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। गत 18 मार्च को मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट चौथाई फीसदी घटाकर 7.75 से 7.50 फीसदी किया था।