रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अगले साल फरवरी से ब्याज दरों में कटौती शुरू कर सकता है, हालांकि अगले महीने सितंबर में होने वाली समीक्षा बैठक में दरों के अपरिवर्तित रहने की संभावना है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने अपनी रिपोर्ट में यह उम्मीद जताई है।
बैंक ऑफ अमेरिका के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर (खुदरा महंगाई) अपने उच्चतम स्तर से नीचे आ गई है। सितंबर में इसके करीब 7.5 से 8.0 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। अपने रिसर्च नोट में बैंक ने कहा है कि हमें उम्मीद है, रिजर्व बैंक फरवरी से ब्याज दरों में कटौती शुरू करेगा। तेल की कीमतों और रुपये के में स्थिरता के चलते 2016 के शुरू में खुदरा महंगाई घटकर 6 फीसदी तक आ जाएगी।
सब्जियों की कीमतों में नरमी के चलते थोक महंगाई जुलाई में पांच माह के निचले स्तर 5.19 फीसदी पर आ गई। हालांकि, इस दौरान खुदरा महंगाई 7.96 फीसदी पर पहुंच गई, जून में यह 7.46 फीसदी पर थी।
रिपोर्ट के मुताबिक देर से हुई बारिश से रबी की फसल अच्छी हो सकती है, जिसे कृषि महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा बढ़ते निवेश से कृषि खासकर बागवानी उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी है।