भारतीय रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी की कटौती की है। कटौती के बाद सीआरआर 4.50 प्रतिशत से घटकर 4.25 फीसदी पर आ गया है।
सीआरआर में की गई कटौती 3 नवंबर से लागू होगी। आरबीआई के मुताबिक सीआरआर चौथाई प्रतिशत घटने से बैंकिंग तंत्र में 17,500 करोड़ रुपए की नकदी आएगी।
रिजर्व बैंक के गर्वनर डी सुब्बराव ने ऋण एवं मौद्रिक नीति की चालू वित्त वर्ष की मध्यावधि समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि रेपो और रिवर्स रेपो में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो सात फीसदी पर स्थिर हैं।
रेपो और रिवर्स रेपो में कोई बदलाव नहीं होने से आम आदमी के कर्ज पर ईएमआई कम नहीं होगी। आरबीआई ने वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ का अनुमान 6.5 फीसदी से घटाकर 5.7 फीसदी कर दिया है।
रेपो रेट
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर केंद्रीय बैंक शेष बैंकों को अल्पावधि ऋण के रूप में दी गई रकम पर ब्याज वसूल करता है।
रिवर्स रेपो
रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर केंद्रीय बैंक शेष बैंकों को अल्पावधि ऋण के रूप में ली गई रकम पर ब्याज अदा करता है।
सीआरआर
बैंकों को अपनी जमा का एक निश्चित अनुपात रिजर्व बैंक के पास रखना होता है, उसे सीआरआर कहते हैं।