औद्योगिक संगठन फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने आईआईपी में गिरावट को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि ताजा आंकड़े स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि कारखाना क्षेत्र कई महीनों से चल रहे गिरावट के दौर से अभी उबर नहीं पाया है। घरेलू और ग्लोबल दोनों ही स्तरों पर मांग में नरमी उद्योगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि रिजर्व बैंक आईआईपी में गिरावट के ताजा आंकड़ों पर गौर करते हुए ब्याज दरों में कटौती करेगा।
कनोरिया ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि औद्योगिक क्षेत्र में यह गिरावट ऐसे वक्त में देखने को मिल रही है, जबकि सरकार आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने की ओर कदम बढ़ा रही है। सरकार ने जीएसटी को लागू करने के प्रयासों में तेजी, सब्सिडी बिल में कटौती, कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और विकास योजनाओं के लिए लक्ष्य निर्धारित करने जैसे अहम कदम उठाए हैं। ऐसे में अब रिजर्व बैंक की ओर से विकास दर में तेजी के लिए मौद्रिक कदम उठाए जाने की सख्त जरूरत है।