सहकारी बैंकों को आगामी 31 दिसंबर तक सीबीएस लागू करना होगा। रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों को 31 दिसंबर 2013 तक अपनी सभी शाखाओं में कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) लागू करने को कहा है।
रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि बहुत कम शहरी सहकारी बैंकों ने सीबीएस लागू किए हैं। इसलिए, सभी शहरी सहकारी बैंकों को 31 दिसंबर 2013 से पहले अपनी सभी शाखाओं में सीबीएस लागू करने की सलाह दी जाती है।
आरबीआई ने कहा कि समय सीमा के भीतर सीबीएस लागू करने में विफल रहने वाले बैंकों को शाखाओं का विस्तार करने या परिचालन क्षेत्र का विस्तार करने जैसी विभिन्न सुविधाएं देने से मना किया जा सकता है। सीबीएस के लागू हो जाने से बैंक की सभी शाखाएं एक दूसरे से जुड़ जाती हैं।
इससे न सिर्फ बैंक का प्रबंधन आसान हो जाता है बल्कि ग्राहकों को भी इसका लाभ मिलता है। बैंक के रोजाना लेनदेन के लिए उसे सिर्फ अपनी ही शाखा पर ही निर्भर रहने की जरूरत नहीं रहती, किसी काम से अगर वह दूसरे शहर में हो तो वहां भी वह अपने लोकल बैंक शाखा की तरह बैंक की शाखा का उपयोग कर सकता है।