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ब्याज दरों में कटौती से बढ़ेगी घर की मांग: रीयल्टी डेवलर्स

Sat, 17 Jan 2015 09:23 AM IST
एजेंसी
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रीयल एस्टेट इंडस्ट्री ने प्रमुख दरों में कटौती करने के रिजर्व बैंक के फैसले की सराहना की है। आरबीआई का कहना है कि इस कदम से आवास की मांग को बढ़ावा मिलेगा और प्रॉपर्टी बाजार में कारोबारी धारणा में सुधार होगा।
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हालांकि रियल एस्टेट डेवलपर्स औ प्रापर्टी कंसलटेंट्स ने मांग की है कि ब्याज दरों में और कटौती की जानी चाहिए। महंगाई में गिरावट से उत्साहित रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को प्रमुख ब्याज दरों में 0.25 फीसदी तक कटौती की है। रिजर्व बैंक ने आर्थिक विकास की गति को तेज करने के लिए यह कदम उठाया है।

डीएलएफ ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजीव तलवार ने बताया कि आरबीआई गवर्नर की पृष्ठभूमि को देखते हुए छोटे कदम को भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीदों के बड़े संकेत के तौर पर देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई का यह कदम निश्चित तौर पर खरीदारों को नए घर में निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा।
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रीयल्टी कंपनियों के संगठन क्रेडाई के चेयरमैन ललित कुमार जैन ने आरबीआई के फैसले को अच्छी शुरुआत बताया है लेकिन उन्होंने कहा है कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि कम अवधि में ब्याज दरों में कम से कम 2 फीसदी की जरूरत है।

गौरसंस इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और क्रेडाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रेसीडेंट मनोज गौर का कहना है कि आरबीआई के इस फैसले से पिछले कुछ समय से संघर्ष कर रहे हाउसिंग सेक्टर को बड़े पैमाने पर राहत मिलेगी। मौजूदा और संभावित खरीदार पिछले वर्ष से ब्याज दरों में कटौती की प्रतीक्षा कर रहे थे।

एसीई ग्रुप के सीएमडी अजय कुमार ने उम्मीद जताई कि बैंक आरबीआई के इस कदम के बाद ब्याज दरों में कटौती करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अच्छा संकेत है और रीयल एस्टेट सेक्टर उम्मीद कर रहा है कि रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में और कटौती करेगा।
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