बजट पर बहस के दौरान वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा सात फीसदी की आर्थिक विकास दर दोबारा हासिल कर लेने का भरोसा जताए जाने के बाद देश के दिग्गज उद्यमी व टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने भी साल-दो साल के भीतर जीडीपी की वृद्धि दर 7 फीसदी पर पहुंच जाने का भरोसा जताया है। टाटा ने यह बात सिंगापुर में आयोजित कार्यक्रम में कही।
सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित करते हुए टाटा ने कहा कि एक-दो साल के भीतर भारत की आर्थिक विकास दर दोबारा 7 फीसदी तक पहुंच सकती है, क्योंकि देश में मांग में आई कमी को काफी हद तक दूर किया जा चुका है।
हालांकि 2008-09 की मंदी के पहले की तरह इसके 8 फीसदी या उससे ऊपर जाने की संभावना फिलहाल उन्हें दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हाल में उठाए गए कदमों ने देश की अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों के भरोसे को बहाल किया है। इससे देश में आत्मविश्वास भी लौटा है, फिर भी अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत बाकी है।
उन्होंने कहा कि महंगाई और घोटालों पर लगाम कसने की जरूरत है। साथ ही देश की आर्थिक विकास दर को घटा कर पांच फीसदी के दायरे में लाने वाले अन्य कारणों के समाधान की दिशा में अभी और कदम उठाने की जरूरत है। यदि भारत कुछ वर्षों पहले तक वाले अपने आकर्षण को दोबारा हासिल करना चाहता है, तो उसे अभी काफी कुछ और करना होगा।
उन्होंने कहा कि यह हो सकता है कि अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उठाए गए कदम पर्याप्त न हों, पर बजट में किए गए उपाय इस बात का संकेत जरूर देते हैं कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं। देश की अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने करीब एक दशक तक आठ फीसदी या उससे ऊपर की विकास दर और चार फीसदी के निचले स्तर की महंगाई दर का दौर देखा है।
उन्होंने कहा कि देश की महंगाई दर ऊपर जाने का कारण ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की लागत में हुई बढ़ोतरी रहा है। रिजर्व बैंक की ओर से भी महंगाई पर अंकुश के प्रयास समय-समय पर किए जाते रहे हैं और यह ब्याज दरों के ऊपर जाने की एक वजह रही है।
भारत-चीन को आना चाहिए और करीब
रतन टाटा का मानना है कि आर्थिक और खासकर कारोबार के क्षेत्र में भारत और चीन एक दूसरे के साथ हाथ मिलाकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिल कर दुनिया में खुद को एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल यह दोनों ही पड़ोसी देश एक-दूसरे के उतने करीब नहीं हैं, जितना कि उन्हें होना चाहिए।
टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली कंपनी जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) के चीनी ऑटो कंपनी चेरी ऑटो मोबाइल से करार पर उन्होंने कहा कि चीनी लोग काफी रचनात्मक ढंग से और गंभीरतापूर्वक अपना काम करते हैं।