इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में दो साल के कारावास की सजा पाने वाले गोल्डमैन सैक्स के भारतीय मूल के पूर्व निदेशक रजत गुप्ता का कहना है कि इस सजा से उनकी बरसों की कमाई हुई साख मिट्टी में मिल गई है, जोकि उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी थी। अमेरिकी कोर्ट में चले मुकदमे में दोषी पाए जाने के बाद गुप्ता ने अपने परिजनों और साथियों से माफी मांगी है।
अमेरिकी फेडरल कोर्ट के जज जेड रेकजॉफ द्वारा सजा सुनाए जाने से महज छह मिनट पहले 63 वर्षीय रजत गुप्ता ने पहले से लिखा हुआ अपना एक बयान पढ़ते हुए सारे घटनाक्रम पर अफसोस जताया। मुकदमे की सुनवाई शुरू होने के बाद से पहली बार इस बारे में बोलते हुए गुप्ता ने कहा कि पिछले 18 महीने मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर रहे हैं।
बचपन में ही अपने माता-पिता को खो देने के बाद अब मेरी बरसों की कमाई हुई साख भी मुझसे छिन गई है। सजा सुनने के लिए जज के सामने खड़े होकर गुप्ता ने कहा कि मैं अपने परिवार और मित्रों का आभार प्रकट करते हुए उनसे माफी मांगना चाहता हूं। दिल में ऐसी भावनाएं रखते हुए मैं आगे से खुद को दूसरों की सेवा में समर्पित करना चाहता हूं।
उन्होंने कहा कि जून में मुकदमा शुरू होने के बाद से अबतक का समय मेरे, मेरे परिवार और मित्रों सभी के लिए सदमे भरा रहा है और अदालत का फैसला आने वाले समय में भी निश्चित तौर पर मेरी जिंदगी को निजी, व्यावसायिक और वित्तीय रूप से प्रभावित करेगा। फिलहाल मैं अपने जीवन की इन वास्तविकताओं को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना चाहता हूं।
हालांकि मुझे पता है कि इस सबका न सिर्फ मुझपर, बल्कि मेरे पूरे परिवार, मित्रों और मेरे अजीज रहे संस्थानों पर गहरा असर पड़ेगा। इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले पर कई मिनट तक चले अपने इस भावपूर्ण बयान में खेद जताने के बावजूद गुप्ता ने अपने दोष या जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया।
अदालत के फैसले के मुताबिक दो साल के कारावास के अलावा गुप्ता को 50 लाख डॉलर का जुर्माना भी भरना होगा। साथ ही सजा खत्म होने के बाद साल भर उन्हें सरकारी निरीक्षण के तहत रहना होगा।