जेल में बंद हेज फंड संस्थापक राज राजरत्नम अमेरिका नियामक एसईसी द्वारा उनके और गोल्डमैन सॉक्स के पूर्व निदेशक रजत गुप्ता के खिलाफ दायर मुकदमे के निपटान के लिए 14.5 लाख डॉलर के भुगतान पर सहमत हो गया है। गैलेन समूह के श्रीलंका मूल के सह संस्थापक राजरत्नम ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करने पर सहमति जता दी है। अमेरिकी जिला जज जेड रेकॉफ ने बृहस्पतिवार को राजरत्नम और रजत गुप्ता के खिलाफ सिक्यूरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) के मुकदमे में अंतिम निर्णय को मंजूरी दे दी। राजरत्नम को 11 साल जेल की सजा हुई है।
पिछले माह राजरत्नम ने इस समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं। समझौते के तहत, राजरत्नम को कुल 14.5 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। राजरत्नम को 90 दिन के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट के अंतिम निर्णय के मुताबिक राजरत्नम को इनसाइडर ट्रेडिंग के चलते हुई मुनाफे की हिस्सेदारी छोड़नी होगी। साथ ही इस राशि पर प्री-जजमेंट ब्याज भी चुकाना होगा। रजत गुप्ता के खिलाफ एसईसी का दावा अभी लंबित है।
मालूम हो कि अमेरिकी नियामक एसईसी ने अक्तूबर 2011 में मुकदमा दायर किया था, जिसमें रजत गुप्ता पर गोल्डमैन बोर्ड के सदस्य के रूप में प्राप्त गोपनीय जानकारियां हेज फंड कारोबारी राज राजरत्नम को देने का आरोप लगाया था।