लोकसभा चुनावों से पहले यूपीए सरकार ने आम लोगों को खुश करने के लिए पूरी कमर कस ली है। ऐसे में जब रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे अंतरिम रेल बजट पेश कर रहे थे, सभी की निगाहें उन्हीं पर थी।
शुरुआती हंगामे से बेअसर खड़गे ने कहा कि रेलवे को अपनी रेल लाइन नेटवर्क और नई लाइनें बिछाने के लिए नए निवेश की जरूरत है। छठे वेतनमान लागू होने के बाद 1 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार रेलवे ने अपनी तरफ से पूरा किया है। अगर छठवें वेतनमान की वजह से यह भार न पड़ा होता, तो रेलवे की आर्थिक माली और अधिक अच्छी होती।
उनके मुताबिक रेलवे ने 2,702 किलोमीटर की नई रेलवे लाइन बिछाने का काम पूरा किया गया है। उत्तर पूर्व राज्यों में ब्रॉड गैज लाइनों को बिछाने का काम पूरा हो गया है। ईटानगर को रेलवे से जोड़ा जाएगा।
जल्द शुरू होगी वैष्णो देवी के लिए रेल सेवा
रेल बजट में आम लोगों को राहत देते हुए यात्री किराए में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही 17 प्रीमियम ट्रेनें चलाने की घोषणा की गई।
ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ कम करने के लिए रेलगाड़ियों में और डिब्बे जोड़े गए हैं। जल्द ही वैष्णो देवी के लिए भी रेल सेवा शुरू हो जाएगी। शिलांग भी इसी साल रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा।
रेलमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता में रेलवे ने अपनी बड़ी भूमिका अदा की है। रेल बजट में 17 नई एसी ट्रेनें शुरू करने का ऐलान किया गया।
प्रीमियम और राजधानी का बेसिक किराया एक जैसा
प्रस्तावित प्रीमियम ट्रेनों में सुविधाओं का स्तर और बेसिक किराया राजधानी जैसा होगा। हवाई सेवा की तरह इसके किराये में लगातार बदलाव होता रहेगा।
60 दिन पहले बुकिंग कराने वालों को बेस किराया देना होगा, जबकि बाद में इसकी कीमतें मांग के अनुसार बढ़ती जाएंगी। शुरू में टिकट सिर्फ ऑनलाइन होगा तथा इसमें किसी तरह की प्रतीक्षा सूची नहीं होगी।
जनवरी, 2014 में मुंबई के लिए चलाई गई प्रीमियम ट्रेन में कुछ यात्रियों ने एसी थ्री का टिकट दोगुने दाम पर खरीदा था। ऐसे में रेल मंत्री का यह फैसला बेहद अहम है।
72 नई ट्रेनें सरपट दौड़ेंगी
रेल मंत्री ने अंतरिम बजट में 72 नई ट्रेनें चलाने की घोषणा की। इसमें 17 प्रीमियम, 38 एक्सप्रेस, 10 पैसेंजर, 4 मेमू और 3 डेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी।
वर्ष 2014-15 में 19 नई लाइनों पर किस तरह से ट्रेनें चलेंगी, इसका सर्वेक्षण किया जाएगा। कुछ रेल लाइनों की डबलिंग को लेकर भी काम जारी है। डबलिंग किए जाने वाली लाइनों में पांच रेल लाइनें शामिल हैं।
रेलवे होगा और मालामाल
बजट में वित्त वर्ष 2014-15 में 1.6 लाख करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में रेलवे का फ्रेट ट्रेफिक का अनुमान बढ़ाकर 110 लाख टन किया गया है। पहले यह अनुमान 105.2 लाख टन था।
रेल मंत्री ने वित्त वर्ष 2014-15 में माल भाड़े से 1,05,770 करोड़, यात्री भाड़े से 45,255 करोड़, अन्य कोचिंग से 4200 करोड़ और अन्य साधनों से 5500 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान रखा है।
टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस
हालिया रेल दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए रेलवे टेक्नोलॉजी पर खास फोकस करेगा। इसके लिए रेलवे ऑटोमेटिक टिकट वेडिंग मशीन को बढ़ाने की तैयारी में है। इसके तहत यात्री अपने बकाए का भुगतान लिए अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
बगैर आरक्षित श्रेणी के टिकट भी मोबाइल से बुक होंगे। रेलवे में एफडीआईरेलवे में प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) की अनुमति का मामला विचारधीन है। इसको भी जल्द अनुमति दी जा सकती है।
निवेश से बदलेगी रेलवे की तस्वीर
अभी सार्वजानिक-निजी भागीदारी कार्यक्रम के तहत रोलिंग स्टॉक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, मल्टी फंक्शनल, लॉजिस्टक पार्क समेत बहुत से कार्यक्रमों को पूरा करना 12वीं पंचवर्षीय योजना में शामिल है।
वहीं रेल बुनियादी ढांचे के समग्र विकास के लिए कर्नाटक, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और हरियाणा ने विभिन्न रेल परियोजनाओं की लागत में भागीदारी पर सहमति जताई है।
रेल मंत्री के कहा कि सरकारी प्रयास जारी रहने के अलावा रेलवे के बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निवेश किए जायेंगे। रेलवे इस अंतर को दूर करने के लिए रेल बुनियादी ढांचे में निजी निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कदम उठा चुका है।
दौड़ेंगी बुलेट ट्रेनें
मुबंई-अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड ट्रेनों को लेकर काम शुरू हो गया है। भारतीय रेल और जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जेआईसीए) इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
इसे दिसंबर 2013 में शुरू किया गया, जो 18 महीनों में पूरा हो जाएगा। इसी प्रोजेक्ट पर फ्रेंच रेलवे (एसएनसीएफ) की तरफ से किया जा रहा व्यापार विकास अध्ययन अप्रैल, 2014 में पूरा कर लिया जाएगा।
हाई स्पीड परियोजना के अलावा दिल्ली-आगरा और दिल्ली-चंडीगढ़ जैसे मौजूदा चुनिंदा मार्गों पर रफ्तार 160-200 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए रेलवे कम लागत वाले विकल्प पर काम कर रही है।
आधुनिकीकरण और रेल उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए नई टेक्नोलॉजी की शुरुआत की जाएगी।
इस दिशा में हाल ही में भारी ढुलाई वाली माल गाड़ियों के चालन के लिए डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई स्पीड रेल परियोजना और सेमी हाई स्पीड परियोजना शुरू की गई है।