प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर रेलवे को पटरी पर लाने के लिए सौ प्रतिशत एफडीआई की घोषणा पिछले बजट में ही कर दी गई थी। कई प्रयासों के बावजूद रेल मंत्रालय निवेशकों को आकर्षित करने में नाकामयाब रहा।
शुरू से ही रेलवे में निवेश के पक्षधर रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस रेल बजट में निवेशकों को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
यही नहीं रेल टिकटों को लेकर होने वाली मारामारी से मुसाफिरों को निजात दिलाने के लिए बजट में टिकटिंग को आउटसोर्स करने की घोषणा भी हो सकती है। यानी रेल मंत्री मेट्रो मैन श्रीधरन की सलाह को पूरी तवज्जो देने के मूड में हैं। बड़े शहरों में मेट्रो की तर्ज पर टिकटिंग को निजी हाथों में दिया जा सकता है। हालांकि रेलवे यूनियन इसका विरोध कर रही है।