भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि आरबीआई का काम सेंसेक्स में तेजी लाना नहीं है। आरबीआई का काम जमीन हकीकत को ध्यान में रखकर निर्णय लेना है। उन्होंने कहा कि आरबीआई महंगाई पर लगातार ध्यान रखता है जिससे सतत विकास पर कोई भी प्रभाव न पड़े।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में हमें एक रास्ते का चुनाव करना होगा जिससे महंगाई की दर में कमी आ सके। उन्होंने कहा कि राजकोषीय समेकन के लिए भारत को और अधिक संस्थानों की जरूरत है। इस पर बहस होनी चाहिए। इसके जरिए हम कैसे अच्छे और बढ़िया बजट के बावजूद वित्तीय घाटे को कम किया जा सके।
भारत को ऐसी कोई भी जरूरत नहीं है नियमों को ताक पर विदेशी निवेशकों को आर्कषित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर हम नई कंपनियों के लिए भारत में व्यापार की सुविधा को आसान और पारदर्शी बनाते हैं तो हम विदेशी निवेशकों को अपने आप ही प्राप्त कर लेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत को विदेशी निवेश की जरूरत है। पर ऐसी विदेशी निवेश की जरूरत है जो लंबे समय के किया जाए। राजन ने कहा कि एफडीआई आने से नई तकनीक और तरीके भी देश में आएंगे।