बंगलूरू के शहरी निकाय ने सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो को 19 करोड़ रुपये के बकाया कर के भुगतान के लिए नोटिस भेजा है। नोटिस में कंपनी को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बकाया कर का जल्द भुगतान करने की चेतावनी दी गई है। विप्रो का इस बारे में कहना है कि उसने कर का भुगतान दिया है और इस संबंध में उसका पक्ष काफी मजबूत है।
कंपनी ने मामले पर विस्तार से चर्चा के लिए वृहद बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) के साथ बैठक करने की बात भी कही है। कर संबंधी यह विवाद बंगलूरू के दोद्दारकन्नेलि गांव स्थित कंपनी के मुख्यालय के लिए कर की अदायगी से जुड़ा हुआ है। बीबीएमपी ने कंपनी को 2008-09 से 2012-13 तक की अवधि के लिए 19.28 करोड़ रुपये का बकाया कर चुकाने का नोटिस दिया है। विप्रो से बकाया राशि पर प्रतिमाह दो फीसदी ब्याज सहित भुगतान करने को कहा गया है।
विप्रो का मुनाफा 18 फीसदी बढ़ा
देश की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो का शुद्ध लाभ 31 दिसंबर 2012 को समाप्त तिमाही में 18 फीसदी बढ़कर 1,716.4 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,456.4 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान कंपनी की कुल आय 10 प्रतिशत बढ़कर 10,989 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 9,965.1 करोड़ रुपये थी। तिमाही में कंपनी की आईटी सेवा से हुई आय का कंपनी की कुल आय में हिस्सा 78 प्रतिशत यानी 1.577 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 4.8 प्रतिशत अधिक है। रुपये के लिहाज से यह 8,602 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने उम्मीद जताई है कि 31 मार्च, 2013 को समाप्त तिमाही में उसकी आईटी सेवाओं से आय 1.585 अरब डॉलर से 1.625 अरब डॉलर रहेगी। आईटी सेवाओं से जुड़े उसके कर्मचारियों की संख्या बीती तिमाही में 1,42,905 रही।