मजबूत ग्लोबल संकेतों और ऑटो शेयरों में उछाल से सेंसेक्स 20 हजार के मनोवैज्ञानिक सीमा के पार और निफ्टी 2013 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स 143 अंक चढ़कर 20,083 और निफ्टी 45 अंक चढ़कर 6,095 पर बंद हुए। हालांकि बाजार की रैली में छोटे-मझोले शेयर पिछड़े। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की तेजी आई। ऑटो शेयर 2.25 फीसदी उछले।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और बैंक शेयर करीब दो फीसदी चढ़े। पीएसयू, रियल्टी, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस और आईटी शेयर 0.4-0.2 फीसदी मजबूत हुए।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से साफ संकेत न मिलने की वजह से घरेलू बाजार सुस्ती के साथ खुले। हालांकि शुरुआती कारोबार में बाजार ने रफ्तार पकड़ी। सेंसेक्स 100 अंक चढ़कर 20,000 के ऊपर पहुंचा।
लेकिन, मार्च के आईआईपी आंकड़े आने के बाद बाजार फिसले। सेंसेक्स-निफ्टी पूरी तरह शुरुआती मजबूती गवां दी। मिडकैप शेयरों में भी सुस्ती आई। स्मॉलकैप शेयरों में हल्की बढ़त रही।
मार्च में आईआईपी बढ़कर 2.5 फीसदी रही है जो 5 महीने में सबसे ज्यादा है। जानकारों के मुताबिक सुधार के संकेत मिलने से आरबीआई पर दरें घटाने का दबाव कम होगा। हालांकि, यूरोपीय बाजारों की मजबूत शुरुआत से घरेलू बाजारों में फिर से जोश लौटा।
सेंसेक्स ने करीब 150 अंक की छलांग लगाई और निफ्टी 6,100 के करीब पहुंचा। कारोबार के आखिरी आधे घंटे में बाजार में तेजी बढ़ी। निफ्टी 29 जनवरी 2013 के बाद पहली बार 6,100 के पार पहुंचा। सेंसेक्स 180 अंक चढ़कर 20,100 के ऊपर पहुंचा।
निफ्टी शेयरों में येन में कमजोरी आने की वजह से मारुति सुजुकी 4.5 फीसदी उछला। टाटा मोटर्स, एमएंडएम, हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो जैसे ऑटो शेयरों में 3.1-5 फीसदी की तेजी आई। डीजल की कीमतों में 1 रुपये तक की बढ़ोतरी होने की खबर से बीपीसीएल, एचपीसीएल, इंडियन ऑयल चढ़े।
दिग्गजों में इंडसइंड बैंक, आईटीसी, एसीसी, हिंडाल्को, ल्यूपिन, एनएमडीसी, एचडीएफसी बैंक, डॉ रेड्डीज, रैनबैक्सी, डीएलएफ, आईसीआईसीआई बैंक, गेल, कोटक महिंद्रा बैंक, अंबुजा सीमेंट 3.1 फीसदी चढ़े।