सार्वजनिक बैंकों में नौकरी बदलना अब आसान नहीं होगा। नए साल से आईबीपीएस (इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन) लिखित परीक्षा की तरह अब एक कॉमन इंटरव्यू प्रणाली को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत एक बार बैंक चुन लेने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी दूसरे बैंक में नियुक्ति चाहता है तो उसे दोबारा लिखित परीक्षा आदि से गुजरना पड़ेगा। बैंक इस कदम के जरिए सार्वजनिक बैंकों में नौकरी बदलने की दर पर लगाम लगाना चाहते हैं।
आईबीपीएस गवर्निंग बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि बैंकों में अभ्यर्थियों के तरफ से नौकरियां बदलने की दर काफी बढ़ी है। जिसे देखते हुए अब आईबीपीएस नए सत्र से कॉमन इंटरव्यू प्रणाली को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों का एक कॉमन इंटरव्यू कराया जाएगा।
जिसमें अभ्यर्थी से बैंकों की वरीयता सूची का विकल्प लिया जाएगा। इंटरव्यू के बाद बैंक की वरीयता सूची और अभ्यर्थी के द्वारा दी वरीयता के आधार पर बैंक का आवंटन सफल अभ्यर्थियों के लिए किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि एक बार बैंक चुन लेने के बाद अभ्यर्थी दूसरे बैंक में समान पद के लिए उस परीक्षा के जरिए आवेदन नहीं कर सकेगा। यदि वह ऐसा चाहता है तो उसे नए सत्र की परीक्षा देनी होगी।
अधिकारी के अनुसार मौजूदा प्रणाली में अभ्यर्थी बैंक में नियुक्ति के बाद यदि दूसरे बैंक का विकल्प पाते हैं, तो वह उसे छोड़ देते हैं। इस तरह के बढ़ते चलन से कुछ बैंकों में नौकरी छोड़ने की दर 30-40 फीसदी तक पहुंच गई है। साथ ही बैंकों की नियुक्ति योजना पर भी असर पड़ रहा है। इसे देखते हुए इस तरह के प्रस्ताव को लागू करने पर विचार किया जा रहा है।