आईटी दिग्गज अजीम प्रेमजी ने कहा है कि उनका बेटा रिशद कभी भी उनकी कंपनी विप्रो का मुख्य कार्यकारी नहीं बनेगा लेकिन कंपनी बोर्ड में प्रमोटर के तौर पर शामिल रहेगा। रिशद ने 2007 में बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं में विशेष परियोजनाओं के कारोबार प्रमुख के रूप में विप्रो ज्वाइन किया और बाद के तीन साल में वह मुख्य रणनीतिक अधिकारी (सीएसओ) के पद पहुंच गए।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अलग से एक साक्षात्कार में विप्रो के संस्थापक प्रेमजी ने कहा कि उनके दो बड़े बेटों के लिए कंपनी का सीईओ बनना कैरियर का लक्ष्य नहीं है। रिशन सीईओ नहीं बनने जा रहा, ना ही यह उसके कैरियर का लक्ष्य है। हालांकि, वह कंपनी के प्रमोटर के रूप में जरूर सामने रहेगा।