परंपरा के हिसाब से धनतेरस पर खूब खरीदारी हुई। सोना-चांदी के सिक्के, आभूषण से लेकर वाहन, प्रॉपर्टी और बर्तन की दुकानों में बिक्री का जबरदस्त माहौल रहा।
उधर, कारोबारियों के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बुलियन इंडिया ने रविवार होने के बावजूद गोल्ड ईटीएफ के कारोबार के लिए विशेष सत्र आयोजित किए।
धनतेरस के दिन सोने और चांदी के सिक्कों की खरीदारी के चलन को देखते हुए पोस्ट ऑफिस सहित देश के लगभग सभी प्रमुख बैंकों ने सोने के विभिन्न वजन के सिक्कों को बाजार में पेश किया। रविवार की छुट्टी के बावजूद बैंकों और पोस्ट ऑफिस की चुनिंदा शाखाएं सोने के सिक्कों की बिक्री के लिए खुली रहीं।
धनतेरस के दिन लोग गाड़ियों की भी खूब डिलीवरी लेते हैं। पहले ही पूरा भुगतान करने के बावजूद काफी संख्या में लोगों ने रविवार को अपने वाहनों की डिलीवरी ली। धनतेरस के दिन यह साफ हो गया कि रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की इच्छा के उलट देश में लोगों के सोने के प्रति रुझान में कोई कमी नहीं आ रही है।
सोने के 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई पर रहने के बावजूद इस साल देश में अलग-अलग जगह के कारोबारियों ने स्पष्ट किया है कि नग के हिसाब से सोने के आभूषणों की बिक्री में कोई गिरावट नहीं आई है। महंगाई के कारण कुछ कारोबारी बीते साल साल की तुलना में इस साल करीब 25-30 फीसदी ग्राहक कम होने की बात कह रहे हैं।
सोने की महंगाई को देखते हुए इस साल कारोबारियों ने कम वजन के गहनों की डिजाइनर रेंज पर खास ध्यान दिया, जिसे गृहिणियों ने खूब पसंद किया। सोने में निवेश के पुट को देखते हुए इस साल हीरों के बजाय सोने के गहनों पर विशेष जोर रहा।
बीते कुछ समय में जिस तरह से सोने की ब्रांडिंग हुई है, उससे इसकी पूछ बढ़ी है। कैटरीना कैफ जैसी स्टार के हीरे के बजाय सोने के गहने से लकदक दिखने का असर ग्राहकों पर पड़ता है। रिटर्न के हिसाब से भी हीरे की तुलना में सोने का इतिहास अच्छा रहा है।
- हिमांशु शेखर, बुलियन विशेषज्ञ
महंगा होने के कारण इस धनतेरस ग्राहकी कमजोर रही, बिक्री में 25-30 फीसदी की कमी दिखाई दे रही है।
-श्रीकृष्ण गोयल चांदीवाला, प्रेसिडेंट, दिल्ली बुलियन मर्चेंट एसोसिएशन
इस साल गृहणियों ने हल्के वजन के सोने के डिजाइनर आभूषणों में रुचि दिखाई है तो निवेशकों का उत्साह सॉलिड गोल्ड में बना रहा।
-राजीव पोपले, निदेशक, पोपले एंड संस