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महंगी प्याज से परेशान हैं तो पढ़िए ये खबर

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देश के बाजारों में बिक रहा महंगा प्याज जनता को अभी और रुलाएगा। प्याज के दाम में राहत देने के लिए सरकार की तरफ से आयातित प्याज को भारत पहुंचने में अभी कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है। प्याज के आयात की जिम्मेदारी वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाली सार्वजनिक कंपनी एमएमटीसी को दी गई है।
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एमएमटीसी के अधिकारी के मुताबिक आयातित प्याज अभी रास्ते में है। पिछले महीने कृषि मंत्रालय व उपभोक्ता मामले मंत्रालय के उच्च स्तरीय बैठक में 10,000 टन प्याज आयात करने का फैसला किया गया था और यह भी तय किया गया था कि 10 सितंबर तक प्याज का आयात कर लिया जाएगा। लेकिन अभी तक आयातित प्याज भारत नहीं पहुंचा है।

आजादपुर मंडी के थोक प्याज कारोबारियों के मुताबिक शुक्रवार को मंडी में प्याज की थोक कीमत 27-52 रुपये रही। प्याज की थोक कीमत के रुख में मजबूती आ रही है। क्योंकि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक व महाराष्ट्र में प्याज वाले इलाके में बारिश की वजह से पिछले तीन दिनों में प्याज के थोक भाव में 2-3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
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प्याज की खुदरा कीमत घटने में लगेगा समय

खुदरा बाजार में पिछले 10 दिनों से प्याज की कीमत 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम चल रही है। थोक कारोबारियों के मुताबिक प्याज की चालू खुदरा कीमत में फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि प्याज की आवक अब भी उस स्तर पर नहीं हो रही है कि प्याज के भाव 30-40 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाए।

सरकार की तरफ से 10,000 टन प्याज आयात करने की घोषणा जरूर की गई, लेकिन यह प्याज कब तक आएगा, इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। वैसे भी भारत 1,000 टन प्याज का आयात 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कर रहा है। इस भाव में प्याज का आयात करने पर सस्ते दाम पर बेचने के लिए सरकार को सब्सिडी देनी पड़ेगी या उसे महंगे दाम पर बेचना होगा।

सरकार इस बात का जिक्र बार-बार जरूर कर रही है कि प्याज निर्यात के न्यूनतम कीमत को 700 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है। ताकि प्याज का निर्यात नहीं हो सके। जबकि इस साल जून-जुलाई के दौरान 26-30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 80,000 -1,00,000 टन प्याज का निर्यात किया गया।

शुक्रवार को भी सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में दाल आयात में तेजी लाने का जिक्र किया गया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि आयातित प्याज का आगमन भारत में कब होगा।

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