अब महिलाएं भी पराग की दुग्ध डेयरी संचालित करेंगी। पराग दुग्ध संघ की महिला डेयरी योजना के तहत केंद्र सरकार ने दो करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, लखनऊ और फर्रुखाबाद के लिए शीघ्र ही किस्त जारी होने वाली है। शहर में जगह-जगह पराग के प्रोडक्ट बिक्री केंद्र खोले जा रहे। पिछले दिनों बंद हुए सात दुग्ध संघों में से आगरा व मथुरा को चालू कर दिया गया है।
ये बातें शनिवार को दुग्ध विकास निगम के प्रमुख सचिव एवं प्रादेशिक कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) के प्रबंध निदेशक डॉ. बीपी नीलरत्न ने गगोल में पश्चिमी उप्र के दुग्ध संघों की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पराग संघ नये प्रोडक्ट तैयार कर रहा है। पिछले कई साल से बंद पड़ी योजनाओं को चालू किया जा रहा। महिला डेयरी योजना भी इनमें में से एक थी।
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादक व किसानों का करोड़ों रुपया बकाया चल रहा है। इसके लिए उप्र सरकार ने पहले ही बजट में साढ़े 26 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास किया है। डॉ. नीलरत्न 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पश्चिमी उप्र के दुग्ध संघ के पदाधिकारियों ने डा. बीपी नीलरत्न को शाल व प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने निलंबित चल रहे कर्मचारी आरके शर्मा की बहाली की घोषणा की। इसके अलावा गगोल दुग्ध संघ के महाप्रबंधक बीबी बेरा और स्टॉफ को एक सप्ताह में एक लाख लीटर दूध का उपार्जन करने पर एक लाख रुपये का चेक भेंट किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय दुग्ध शाला के अधिकारी वीरपाल सिंह, एडिशनल कमिश्नर गया प्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।