हवाई टिकट, होटलों और रेलवे टिकट की ऑनलाइन बुकिंग बढ़ने के कारण देश के पर्यटन क्षेत्र का 70 फीसदी से अधिक कारोबार ऑनलाइन हो रहा है। अगले पांच साल में यह आंकड़ा बढ़कर 85 से 90 प्रतिशत होने का अनुमान है।
उद्योग संगठन एसोचैम ने बताया कि 95 फीसदी हवाई टिकट ऑनलाइन बुक कराए जाते हैं। रेलवे से रोजाना यात्रा करने वालों की संख्या भले 1.30 करोड़ है लेकिन इसमें अधिकतर लोग अनारक्षित श्रेणी से यात्रा करने वाले हैं, जो काउंटर से टिकट खरीदते हैं।
लेकिन, आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने वालों में ऑनलाइन टिकट खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रेलवे टिकट बुक करने वाली वेबसाइट आईआरसीटीसी के अनुसार लगभग एक लाख लोग रोजाना ऑनलाइन टिकट बुक कराते हैं जबकि दो लाख लोग हर दिन उसकी वेबसाइट पर जाते हैं।
एसोचैम ने बताया कि छोटे शहरों में भी रेलवे और हवाई टिकट बुकिंग एजेंटों की संख्या तेजी से बढ़ा है। इन शहरों में भी बहुत तेजी से विस्तार की गुंजाइश नहीं है। आने वाले दिनों में ऑनलाइन रेलवे टिकट की खरीदारी का बढ़ना गांवों तक ब्राडबैंड पहुंचने पर निर्भर करेगा है।
लग्जरी और मझोले होटलों की बुकिंग लगभग पूरी तरह से ऑनलाइन होती है जबकि सस्ते होटलों की बुकिंग में अभी भी ऑनलाइन हिस्सेदारी कम है। छोटे शहरों, विशेषकर तीर्थस्थलों पर अभी भी बड़ी संख्या में लोग बिना पहले से टिकट बुक कराए जाते हैं।
स्टार श्रेणी के होटलों में करीब 95 फीसदी बुकिंग ऑनलाइन होती है, जबकि मझोले किराए वाले होटलों में ऑनलाइन बुकिंग तेजी से बढ़ रही है। इनमें ऑनलाइन बुकिंग का अनुमानित आंकड़ा 80 से 85 फीसदी के बीच है।
एसोचैम के अनुसार ट्रैवल वेबसाइटों और एजेंटों की बढ़ती संख्या से अब आसानी से ऑनलाइन टिकटें लोगों को उपलब्ध हैं। ट्रैवल पोर्टलों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का फायदा लोगों को मिलेगा और उन्हें आने वाले दिनों में सस्ती टिकटें उपलब्ध होंगी।