भारतीय उद्योग जगत ने अमेरिका में बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने पर उन्हें बधाई देते हुए इस जीत से भारतीय उद्योग जगत के लिए कुछ बेहतर होने की उम्मीद जताने के बावजूद देश की आईटी कंपनियों के लिए इसे एक चिंता का विषय बताया है।
भारती इंटरप्राइजेस के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील भारती मित्तल ने कहा कि भले ही ओबामा अमेरिकी नौकरियों के भारत को आउटसोर्सिंग के खिलाफ रहे हों, लेकिन यह राजनीति का चलन रहा है कि एक बार सत्ता में आने के बाद लोगों के नजरिए और नीतियों में काफी बदलाव आ जाता है। हम ओबामा से भी यही उम्मीद करते हैं।
जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अध्यक्ष नवीन जिंदल ने कहा कि दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ओबामा के सामने अब और बड़ी जिम्मेदारियां आ गई हैं, जिन्हें उन्हें बड़ी शिद्दत के साथ निभाना होगा। अर्थव्यवस्था से जुडे़ सभी अहम मुद्दों का समाधान उन्हें ही निकालना है।
विशेषकर भारत के संदर्भ में आउटसोर्सिंग के मसले को लेकर मैं बहुत ज्यादा चिंतित नहीं हूं, क्योंकि कोई भी समस्या एक रात में नहीं सुलझती सब में वक्त लगता है। ओबामा के दोबारा सत्ता में आने से भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में सुधारता आएगी ऐसी मुझे उम्मीद है।
बजाज ऑटो के अध्यक्ष राहुल बजाज की प्रतिक्रिया इन सबसे थोड़ी अलग रही। उन्होंने कहा जहां तक आउटसोर्सिंग का मसला है, रिपब्लिकन उम्मीदवार रोमनी की जीत भारत के लिए ज्यादा बेहतर होती, क्योंकि उन्होंने इसका खुलकर कभी विरोध नहीं किया था। जहां तक ग्लोबल स्तर पर नीतियों की बात है, ओबामा का फिर से चुना जाना एक अच्छा संकेत है।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईगेट के अध्यक्ष फणीष मूर्ति ने कहा कि ओबामा का फिर से सत्ता में आना भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अच्छी खबर नहीं है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ओबामा अपनी पुरानी नीतियों पर आगे कितना कायम रहते हैं। मूर्ति ने कहा कि अमेरिका में रोजगार परिदृश्य जल्दी सुधरने वाला नहीं है, ऐसे में आर्थिक हालात कमजोर बने रहेंगे। इस स्थिति में भारतीय आईटी कंपनियों को अमेरिकी नौकरियों की आउटसोर्सिंग को लेकर संशय बना रहेगा।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में कांटे की टक्कर में ओबामा ने आज अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के मिट रोमनी को शिकस्त देकर जीत दर्ज की। अपनी जीत को अमेरिकी जनता की जीत बताते हुए ओबामा ने लोगों से अमेरिका और समूची दुनिया के उज्जवल भविष्य के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
ओबामा के दोबारा राष्ट्रपति बनने से भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में और मजबूती आएगी। फिक्की उम्मीद करता है कि इससे उच्च शिक्षा, कृषि और परमाणु तकनीक जैसे दोनों देशों के बीच सहयोग और बढ़ेगा। हमें उम्मीद है कि ओबामा प्रशासन आउटसोर्सिंग पर अब दीर्घकालीन और व्यावहारिक नजरिये से विचार करेगा, क्योंकि इससे आखिरकार अमेरिकी कंपनियों को अपनी लागत घटाने और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलती है।
-आरवी कनोरिया, अध्यक्ष, फिक्की
भारत के लिए यह एक अच्छी खबर है। दो बड़े देशों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच कुछ न कुछ मुद्दे और चिंताएं तो बनी ही रहती हैं, आउटसोर्सिंग का मसला भी इनमें से एक है। उम्मीद है कि जल्द ही इसका हल निकल आएगा।
एडी गोदरेज, चेयरमैन गोदरेज समूह
ओबामा की दोबारा जीत अमेरिकी अर्थव्यवस्था के तेजी के साथ आर्थिक सुस्ती से उबर पाने में काफी मददगार होगी। इसका लाभ भारत को भी मिलेगा, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका के साथ काफी मजबूती से जुड़ी हुई है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार है। हमारे देश का करीब 60 फीसदी सॉफ्टवेयर निर्यात अमेरिका को किया जाता है। दूसरी ओर देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए अमेरिका से आने वाला विदेशी निवेश हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि अब इसमें और तेजी आएगी।
-राजकुमार धूत, अध्यक्ष, एसोचैम