उत्तर प्रदेश के नोएडा में औद्योगिक इकाइयां लगाना अब और आसान हो जाएगा। प्राधिकरण ने ट्रांसफर चार्ज और समय वृद्धि शुल्क में कटौती करके उद्यमियों को राहत दी है।
इसके साथ शहर में खाली पड़े प्लॉटों पर नई इकाइयां बन जाएंगी और पुरानी को नए सिरे से शुरू करने में आसानी होगी। नोएडा इंटरप्रिंयोर्स एसोसिएशन (एनईए) ने इस पहल को नोएडा में औद्योगिक माहौल के अनुकूल बताते हुए नए निवेश का भरोसा दिया है।
नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) की स्थापना उद्योग नगरी के रूप में की गई। इसमें नोएडा 1976 एक्ट के तहत हर फैसले का अधिकार प्राधिकरण को दिया गया। शहर में महंगी होती जमीन के बीच औद्योगिक सेक्टर पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
ऐसे में तमाम शुल्क होने के कारण लंबे समय से काफी औद्योगिक इकाइयां खाली पड़ी हैं या फिर निर्माण नहीं किया गया। कई कंपनियां बंद होने के बाद अकार्यशील हैं। औद्योगिक संगठन लंबे समय से ट्रांसफर चार्ज कम करने की मांग कर रहे थे। साथ ही समय वृद्धि शुल्क में भी कटौती की बात कही जा रही है।
प्राधिकरण ने इस मामले पर निर्णय लेते हुए ट्रांसफर चार्ज को पचास फीसदी तक कम करने का निर्णय किया है। इसके साथ समय वृद्धि में तीस से पचास प्रतिशत तक कटौती हुई है। यह नई दरें 12 फरवरी से लागू कर दी गई हैं। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए औद्योगिक संगठनों को इसकी सूचना प्राधिकरण ने दे दी है।
कार्यशील इकाइयां
चालू हालत में औद्योगिक इकाइयों को ट्रांसफर करने के लिए प्राधिकरण वर्तमान आवंटन दर का चार प्रतिशत शुल्क लेगा। यह पूर्व में आठ प्रतिशत निर्धारित रहा है।
अकार्यशील इकाइयां
अकार्यशील इकाइयों के लिए आवंटी नोएडा प्राधिकरण को ट्रांसफर शुल्क के रूप में वर्तमान आवंटन दर का पांच प्रतिशत प्रचलित प्रीमियम जमा करेगा। पहले यह दस फीसदी के रूप में वसूला जाता था।