देश में ऑनलाइन खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ रहा है और इस साल दिवाली पर भी इसकी धूम रहने की उम्मीद है। इस दिवाली ऑनलाइन शापिंग में पिछले साल के मुकाबले 350 फीसदी तक वृद्धि का अनुमान है। शापिंग माल में जहां पहले त्योहारों के दौरान भीड़ भाड़ रहती थी, इस बार उसमें कमी आने का अंदेशा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम के एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष आया है।
एसोचैम सर्वेक्षण के अनुसार ई-कॉमर्स यानी ऑनलाइन शापिंग के जरिए इस दिवाली 10,000 करोड़ रुपये से अधिक खरीदारी होने का अनुमान है। इन त्योहारों में ऑनलाइन खरीदारी में ऐतिहासिक उछाल आने की उम्मीद लगाई जा रही हैै। आने वाले समय में यह रुख और तेजी से बढ़ेगा। फिलहाल देश में ऑनलाइन शॉपिंग का बाजार 12,000 करोड़ रुपये तक है, जिसमें तेजी से वृद्धि हो रही है। अगले तीन से चार साल में इसके एक लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने की संभावना है।
सर्वेक्षण के अनुसार त्योहारी मौसम में ऑनलाइन खुदरा बिक्री में पिछले साल के मुकाबले पांच गुना तक वृद्धि संभव है। ऑनलाइन शॉपिंग में ब्रांडेड कंपनियों के कपड़े, साज सज्जा का सामान, आभूषण, उपहार, फुटवियर सभी कुछ दुकानों से सस्ते दाम पर सीधे खरीदारों के दरवाजे पर पहुंच रहा है।
एसोचैम महासचिव डीएस रावत ने ऑनलाइन शॉपिंग पर तैयार सर्वेक्षण दस्तावेज जारी करते हुए कहा कि स्मार्टफोन, टैबलेट तथा दूसरे मोबाइल फोन के जरिए एक पूरा वर्ग चौबीसों घंटे इस काम में लगा हुआ है और ई-कामर्स धीरे धीरे मोबाइल कॉमर्स में बदल रहा है। ई-कामर्स खुदरा विक्रेता तो इस त्योहार की खरीदारी को ‘पहली मोबाइल दिवाली’ का नाम दे रहे हैं। उनका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता अब अपने मोबाइल अथवा टैबलेट के जरिए खरीदारी में जुटे हैं। ग्राहकों को नए विकल्प भी उपलब्ध हो रहे हैं।