चार माह से महंगाई के चलते चर्चा में रही प्याज की कीमत में भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया है।
खुदरा बाजार में विगत दिनों 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला प्याज अब घटकर अब 30 से 35 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। आलम ये है कि दिल्ली की थोक मंडियों में प्याज़ के भाव 1,700 रुपए प्रति क्विंटल से 1,800 रुपए प्रति क्विंटल तक हो चुके हैं।
महाराष्ट्र और राजस्थान से बड़ी तादाद में यहां प्याज़ आ रहा है। यहां तक की दिल्ली एनसीआर में कर्नाटक से भी प्याज आ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अगर इसी रफ्तार से प्याज़ की खुदाई और आवक होती रही तो यह जनवरी में 700 से 800 रुपए प्रति क्विंटल के भाव बिकने लगेगा।
थोक विक्रेताओं का कहना है कि जनवरी के आखिर में जब पिछैती फसल आएगी तो प्याज़ के भाव और 50 प्रतिशत घट जाएंगे। क्योंकि किसान प्याज़ को स्टोर नहीं कर सकते और सड़ने से बचने के लिए उन्हें प्याज़ औने-पौने दाम पर बेचना ही पड़ेगा।
लेकिन अगर ऐसा हुआ तो यह किसानों के लिए भी बड़ी तकलीफ की बात होगी। अगर सरकार उनकी फसल खरीदने की व्यवस्था नहीं करती है तो बड़ा आंदोलन भी हो सकता है। सरकार ने अभी प्याज़ के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध लगा रखा है।