प्याज की महंगाई पर हरकत में आई सरकार ने अब प्याज के निर्यात पर अंकुश लगाने का फैसला किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 650 डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 900 डॉलर प्रति टन कर दिया है।
नेफेड और एक अंतर मंत्रालय समूह की सिफारिशों के बाद यह फैसला लिया गया है। निर्यात मूल्य बढ़ने से घरेलू बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ सकती है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को भी जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
गुरूवार को कृषि मंत्री शरद पवार ने खाद्य मंत्री केवी थॉमस से मुलाकात कर स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 2-3 सप्ताह में प्याज के दाम नीचे आ जाएंगे। नई फसल आने से बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी। 14 अगस्त को भी सरकार ने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य बढ़ाया था।
इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान करीब 7 लाख टन प्याज का निर्यात हो चुका है। हालांकि, यह निर्यात पिछले साल से करीब 18 फीसदी कम है, लेकिन नई फसल का प्याज आने में देरी के चलते कीमतों पर दबाव नहीं बन पाया है और मंडियों में प्याज का थोक भाव 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है। अब निर्यात पर अंकुश और व्यापारियों द्वारा प्याज के आयात से स्थिति सुधरने की उम्मीद है।