रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ओएनजीसी द्वारा कजाकिस्तान के कशागन तेल क्षेत्र में स्थित कंपनी कॉन्को फिलिप के 8.5 फीसदी शेयर खरीदने से उसका कर्ज बढ़कर 5 अरब डॉलर हो जाने की बात कही है। मूडीज ने इससे ओएनजीसी के ‘क्रेडिट निगेटिव’ की स्थिति में पहुंच जाने की भी चेतावनी दी है।
हालांकि मूडीज ने यह भी माना है कि ओएनजीसी द्वारा हिस्सेदारी की खरीद के लिए किया गया यह सौदा देश की ऊर्जा संबंधी जरूरतों के लिहाज से रणनीतिक महत्व का है क्योंकि भारत कच्चे तेल की अपनी करीब 80 फीसदी जरूरत आयात से पूरी करता है। ऐसे में अधिग्रहण का यह सौदा कहीं न कहीं तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
गौरतलब है कि ओएनजीसी पहले से ही पूंजी की किल्लत से जूझ रही है और उसके ऊपर सब्सिडी का बोझ पिछले साल के 50 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 60 हजार करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में कॉन्को फिलिप में हिस्सेदारी की खरीद से उस पर कर्ज का बोझ बढ़ना तय है।