देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) को बिजली उत्पादन के लिए 70 लाख टन कोयले का अतिरिक्त आयात करना पड़ सकता है।
एनटीपीसी 70 लाख टन अतिरिक्त आयात के लिए बोर्ड से मंजूरी मांगी है। इस साल मार्च में एनटीपीसी बोर्ड ने कंपनी को बिजली उत्पादन की जरूरतों को देखते हुए 170 लाख टन कोयले के आयात की इजाजत दी थी, लेकिन घरेलू स्तर पर कोयले की कमी की वजह से कोयले के अतिरिक्त आयात की जरूरत नजर आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक बोर्ड के समक्ष अतिरिक्त आयात की एनटीपीसी की गुजारिश को रखा गया था। एनटीपीसी की इस गुजारिश को केंद्र सरकार की समिति की तरफ से भी समर्थन दिया गया है। क्योंकि सरकार घरेलू कोयले की कमी की वजह से बिजली उत्पादन में कोई कमी नहीं होने देना चाहती है।
केंद्र सरकार के साथ इस मसले पर हुई बातचीत के दौरान यह फैसला किया गया कि एनटीपीसी के सभी पावर स्टेशन पर बिजली उत्पादन के लिए घरेलू और आयातित दोनों कोयले का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें 70 फीसदी घरेलू कोयला, तो 30 फीसदी आयातित कोयले की मात्रा होगी।
ऐसे में चालू वित्त वर्ष की बची हुई अवधि के लिए 42 लाख टन अतिरिक्त आयातित कोयले की आवश्यकता होगी। 29 टन अतिरिक्त कोयले का आयात इसलिए किया जा रहा है, ताकि आगामी वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कोयले की कोई कमी नहीं रह जाए। एनटीपीसी इस मामले में बोर्ड फैसले का इंतजार कर रही है।