करीब 5,500 करोड़ रुपये के भुगतान संकट से जूझ रहे नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) के निदेशक मंडल से अध्यक्ष शंकरलाल गुरु और चार अन्य निदेशकों के इस्तीफे के साथ ही नए बोर्ड के गठन की तैयारी तेज हो गई है।
इन इस्तीफों के बाद एनएसईएल के सात सदस्यीय निदेशक मंडल में अब बोर्ड में केवल दो ही सदस्य रहे गए हैं। ऐसे में उम्मीद है कि नए निदेशक मंडल की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
एनएसईएल की ओर से निवेशकों के बकाया भुगतान के लिए 14 अगस्त को नई व्यवस्था की घोषणा किए जाने के पहले ही एनएसईएल की सदस्य कंपनी एफटी समूह के प्रबंध निदेशक श्रीकांत जावलगेकर ने 13 अगस्त को इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद अध्यक्ष गुरु और फिर निदेशक बीडी पवार और रामनाथ देवराजन ने भी पद छोड़ दिया। एनएसईएल के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी अधिकारी अंजनी सिन्हा को भी हटा दिया गया।
ऐसे में बोर्ड में अब सिर्फ एनएसईएल के उपाध्यक्ष और एफटी समूह के कार्यकारी अधिकारी जिग्नेश शाह और एमसीएक्स एसएक्स के प्रबंध निदेशक जोसेफ मेसी रह गए हैं।
जिग्नेश शाह की कंपनी फाइनेंशियल टेक्नॉलजीस इंडिया लिमिटेड के नेतृत्व में प्रोमोट किए गए कमोडिटी एक्सचेंज एनएसईएल में बडे़ पैमाने पर हुई गड़बड़ी के बाद सरकारी आदेश के तहत 31 जुलाई को इसमें कारोबार रोक दिया गया था।
इसके बाद से एक्सचेंज के सामने निवेशकों के भुगतान का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एनएसईएल पर इस वक्त अपने करीब 13 हजार निवेशकों के लगभग 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है।
इस बीच वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) ने एनएसईएल को भुगतान नहीं करने वाली कंपनियों को डिफॉल्टर घोषित करने के साथ ही उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया। इस पर अमल करते हुए एनएसईएल ने निवेशकों के बकाया भुगतान के लिए 7 महीने की कार्ययोजना बनाई गई है।
इसके क्रियान्वयन के पहले दिन 20 अगस्त को केवल 92 करोड़ रुपये का भुगतान ही किया जा सका, जबकि इस दिन 174.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था।
ऐसे में एनएसईएल ने भुगतान से चूकने वाले अपने नौ सदस्यों को 23 अगस्त को डिफॉल्टर घोषित कर दिया। एफएमसी ने एनएसईएल को डिफाल्टरों से वित्तीय लेने देन से जुडे़ सभी दस्तावेज भी हासिल करने को कहा है।