फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब बिन पानी भी लहलहाएगी गेहूं की फसल

Wed, 12 Dec 2012 06:55 PM IST
इलाहाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
'बिन पानी सब सून' वाली कहावत कम से कम गेहूं पर तो लागू नहीं होगी। अब बहुत कम पानी में गेहूं की फसल लहलहाएगी।
विज्ञापन


भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद और रूसी वैज्ञानिकों ने गेहूं की नई प्रजाति का जिंस तैयार किया है। इससे तैयार पौधे से खेती में सिंचाई की जरूरत ना के बराबर होगी। वैज्ञानिकों का यह भी दावा है कि फसल कीटाणुओं के हमले से बर्बाद भी नहीं होगी।

गेहूं रूस और भारत दोनों ही देश की प्रमुख फसल है। कीटाणुओं के हमले से फसल बर्बाद होने की समस्या भी दोनों देश में है। कई कीटाणु तो गेहूं का मूल तत्व ही चट कर जाते हैं। इसको देखते ट्रिपलआईटी और रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज ने चार साल पहले मिलकर शोध का फैसला लिया। इसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस प्रोजेक्ट में शामिल ट्रिपलआईटी के बायोइंफार्मेटिक्स के डॉ. सीवीएस शिवा प्रसाद ने बताया कि गेहूं का नया जिंस तैयार किया गया है। टीश्यू कल्चर विधि से पौधे तैयार करने के लिए इसे रशिया के लैब को भेज दिया गया है। इससे तैयार फसल पर जीवाणुओं का कोई असर नहीं होगा। खास बात यह है कि सिंचाई में इतने कम पानी की जरूरत होगी कि राजस्थान के मरूस्थलीय इलाके में भी खेती संभव हो सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें