खादी की खरीददारी के लिए अब आपको केवल खादी भवन या खादी संस्थानों पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आप खादी को किसी भी मॉल या दुकान आदि से भी खरीद सकेंगे। यहीं नहीं उत्पादों पर लगे खादी मार्क से आपको शुद्धता की भी पूरी गारंटी मिलेगी ।
नए साल से जो भी खादी का कारोबार करना चाहते हैं, वह इसकी बिक्री कर सकेंगे। सरकार इसके लिए गुणवत्ता और शुद्धता का भरोसा देने के लिए आईएसआई मार्क की तरह खादी मार्क बनाने की तैयारी कर रही है। जो कारोबारी खादी बेचना चाहेंगे उसे केवल अपने उत्पाद पर खादी मार्क का प्रमाणपत्र लेना होगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सरकार खादी के लिए एक मार्क बनाने जा रही है, जिसको पाने के बाद कोई भी उसे खादी के नाम पर बेच सकेगा। अधिकारी के अनुसार इसके लिए खादी मार्क रेगुलेशन एक्ट 2012 लाया जाएगा। जिस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी करने की तैयारी है।
अधिकारी ने बताया कि सरकार खादी को एक ब्रांड के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना चाहती है। इसके लिए जरूरी है कि गुणवत्ता पर कोई समझौता न किया जाय। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को कारोबार का मौका दिया जाय। इसी के तहत खादी मार्क को विकसित किया जा रहा है।
आईएसआई मार्क की तरह खादी मार्क पाने के लिए उत्पाद का परीक्षण एक स्वतंत्र एजेंसी करेगी। जिसमें खादी ग्रामोद्योग आयोग, भारतीय मानक ब्यूरो और इंडस्ट्री से जुड़े सदस्य होंगे। साथ ही एक समिति का गठन किया जाएगा। जो कि प्रस्तावों पर विचार करेगा। जिसकी मंजूरी के बाद खादी मार्क दिया जाएगा। यह मार्क मिलने के बाद उस उत्पाद की खादी होने की गारंटी होगी।
अधिकारी के अनुसार खादी मार्क पाने के लिए एक बार में एक मुश्त 5,000 रुपये शुल्क चुकाना होगा। जिसका समय-समय पर उत्पादों के परीक्षण के साथ नवीनीकरण कराना होगा। मंत्रालय इसके अलावा खादी मार्क के तहत रसायनिक उत्पादों को भी लाएगा, जिससे खादी उत्पादों की एक पूरी रेंज तैयार की जा सके।
सूत्रों के अनुसार सरकार के इस प्रस्ताव का अभी से खादी संस्थान आदि विरोध कर रहे हैं। उन्हें नए बदलाव से खादी पर अपने एकाधिकार खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है।