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एजुकेशन लोन लेना होगा अब आसान

Mon, 28 Jan 2013 11:50 PM IST
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
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एजुकेशन लोन के लिए बनने वाला क्रेडिट गारंटी फंड अब जल्द मूर्त रूप ले सकता है। फंड के जरिये विद्यार्थियों को 7.5 लाख रुपये तक के कर्ज पर सरकार बैंकों को गारंटी देने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर विद्यार्थियों के लिए 7.5 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन लेना आसान हो जाएगा। अभी बिना गारंटी के चार लाख रुपये तक के कर्ज बैंकों से मिलते हैं।
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वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि एजुकेशन लोन के लिए बनने वाला क्रेडिट गारंटी फंड जल्द ही मूर्त रूप ले लेगा। इसके लिए कैबिनेट नोट भेज दिया गया है। इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अधिकारी के अनुसार शुरुआत में इसके लिए 500-700 करोड़ रुपये का फंड बनाने का प्रावधान है, जिसके तहत 7.50 लाख रुपये तक के कर्ज पर सरकार 85 फीसदी तक गारंटी देगी।

अधिकारी ने बताया कि फंड के प्रबंधन की जिम्मेदारी सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी निधि ट्रस्ट को दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि बढ़ते शिक्षा खर्च को देखते हुए और बैंकों की मांग को देखते हुए नए प्रस्ताव में 7.5 लाख रुपये तक के कर्ज पर गारंटी दिए जाने का प्रावधान है।
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मौजूदा एजुकेशन लोन स्कीम के तहत बैंक चार लाख रुपये तक के कर्ज पर विद्यार्थी से किसी तरह की कोई गारंटी नहीं लेते हैं। वहीं चार लाख से 7.50 लाख रुपये तक के कर्ज पर थर्ड पार्टी गारंटी यानी किसी तीसरे व्यक्ति से विद्यार्थी के कर्ज की गारंटी मांगते हैं। जबकि 7.5 लाख रुपये से ज्यादा के कर्ज पर मूर्त गारंटी यानी जमीन, जायदाद के कागजात गारंटी के रूप में जमा करने होते हैं।

बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कर्ज की अधिकतम सीमा देश में और विदेश में शिक्षा के लिए अलग-अलग होती है। जैसे कि देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक इस समय देश में पढ़ाई के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये और विदेश में पढ़ाई के लिए अधिकतम 30 लाख रुपये प्रमुख रूप से कर्ज देता है।

गौरतलब है कि इसके पहले क्रेडिट गारंटी फंड को योजना आयोग द्वारा स्पष्टीकरण मांगने की वजह से कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिल पाई थी। फंड के लिए बजट आदि का स्पष्टीकरण कर दिया गया है। ऐसे में अब अगले दो से तीन हफ्ते में इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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