भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से क्रेडिट कार्ड भुगतान में देरी होने पर ग्राहकों से वसूले जाने वाले शुल्क को घटाने और बिल की तारीख तक इसमें छूट देने को कहा है।
आरबीआई की इस पहल से क्रेडिट कार्ड धारकों को बकाया भुगतान के लिए कुछ और समय मिलने जाने की उम्मीद है। इससे उनके डिफाल्टर होने का खतरा भी घट जाएगा। हालांकि क्रेडिट कार्ड कंपनियां ग्राहकों को हाल फिलहाल में ऐसी रियायत देने के पक्ष में नहीं दिख रही हैं।
समय से बिल नहीं जमा करने पर, नहीं लगेगा फाइन!
अभी तक क्रेडिट कार्ड धारकों को भुगतान की अंतिम तारीख तक भुगतान नहीं करने की स्थिति में बिल की तारीख और भुगतान की तारीख के बीच के समय के लिए कुछ दंडात्मक शुल्क अदा करना पड़ता था।
आरबीआई के नए आदेश से उन्हें कोई शुल्क अदा किए बगैर बिल की तिथि तक भुगतान का समय मिल जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी ग्राहक के लिए उसके क्रेडिट कार्ड के भुगतान का समय प्रत्येक महीने की पांच तारीख है और उसका बिल 10 तारीख का है तो ऐसी स्थिति में ग्राहक अतिरिक्त शुल्क अदा किए बगैर 10 तारीख तक भुगतान कर सकेगा।
हालांकि यदि बिल की तिथि के बाद भी ग्राहक भुगतान नहीं करते तो ऐसी स्थिति में उनसे शुल्क अनिवार्य रूप से वसूला जाएगा।
नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही क्रेडिट कार्ड कंपनियां
क्रेडिट कार्ड कंपनियों ने कहा है कि वह आरबीआई के इस नए आदेश के अनुरूप अपने नियमों में बदलाव की समीक्षा कर रही हैं। हालांकि बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां ग्राहकों को जल्दी ऐसी कोई रियायत देने के पक्ष में इसलिए नहीं हैं, क्योंकि इस कारेबार में उन्हें पूंजी और प्रौद्योगिकी दोनों ही के स्तर पर बड़ा निवेश करना पड़ता है।
गौरतलब है कि आरबीआई फ्लोटिंग ब्याज दरों पर जारी किए जाने वाले कंज्यूमर लोन के समय से पूर्व भुगतान पर लगने वाले शुल्क और जमा खातों पर न्यूनतम अधिशेष नहीं रखने पर वसूले जाने वाले शुल्क को खत्म करने का आदेश बैंकों को पहले ही दे चुका है। अब क्रेडिट कार्ड के नियमों को सरल बनाने के लिए भी उसने कदम उठाए हैं।