अब हवाई जहाज की खिड़की वाली सीट महंगी पड़ सकती है। इसी तरह चेक-इन बैगेज या म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट ले जाना भी जेब पर भारी पड़ेगा।
नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने एयरलाइनों को इस तरह की सात सेवाओं पर अलग से शुल्क वसूलने की छूट दे दी है। इससे एयरलाइनों को कमाई के नए रास्ते खुलेंगे, लेकिन हवाई यात्रा करना महंगा हो जाएगा।
सोमवार को मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक, नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने शेड्यूल एयरलाइनों को कुछ सेवाओं पर अलग से शुल्क वसूलने की छूट देने का फैसला किया है।
इन सेवाओं में पसंदीदा सीट, पानी के अलावा खाने-पीने की सभी वस्तुएं, एयरलाइंस लाउंज का इस्तेमाल, चेक-इन बैगेज, म्यूजिक और स्पोर्ट्स से जुड़े सामान ले जाना शामिल है।
हर छह महीने पर इन सेवाओं पर पुनर्विचार होगा। यह फैसला किसी सरकारी समिति की सलाह पर नहीं, बल्कि एक प्राइवेट फर्म नाथन इकनॉमिक कंसल्टेंट की सिफारिश पर किया गया है।
उधर, मंत्रालय का दावा है कि लोगों के पास कीमत चुकाकर सेवाएं प्राप्त करने का विकल्प रहेगा। इससे एयरलाइनों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
अतिरिक्त सेवाओं पर लगने वाले शुल्क की निगरानी का जिम्मा नागर विमानन महानिदेशायल (डीजीसीए) को दिया गया है। जिन सेवाओं पर अलग से शुल्क लिया जाना, उन्हें चुनने या न चुनने की यात्रियों को पूरी छूट दी जाएगी। सेवाओं का शुल्क बेसिक किराए में शामिल नहीं होगा और न ही उसके हिसाब से बदलेगा।
कमाई के तरीकों पर एयरलाइंस की नजर
वैसे ज्यादातर सस्ती एयरलाइंस खाने का पैसा अब भी अलग से ले रही हैं। कई एयरलाइंस खाने की प्री-बुकिंग कराने वाले यात्रियों को पसंदीदा सीट देती हैं।
कई साल पहले इंडिगो एयरलाइंस ने सभी सीटें पंसदीदा कहकर सीटों का शुल्क वसूलना शुरू कर दिया था। वर्ष 2008 में मंदी के बाद अमेरिकी एयरलाइनों ने पहले लगेज की चेक-इन पर शुल्क लगाने का सिलसिला शुरू किया था।
एयर एशिया को होगा फायदा
मलेशिया की एयर एशिया के भारत में घरेलू एयरलाइन शुरू करने के आवेदन के कुछ दिन के अंदर ही अतिरिक्त सेवाओं पर शुल्क वसूलने की छूट के फैसले पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
एयर एशिया भले ही बेहद सस्ती हवाई सेवाएं देने के लिए जानी जाती है, लेकिन इसकी असली कमाई फूड, लगेज और पसंदीदा सीटें जैसी अन्य सेवाओं से होती है।
कई घरेलू एयरलाइनों की नजर पर कमाई के इन तरीकों पर पहले से है। नो-फ्रिल एयरलाइंस के नाम पर पानी देना भी बंद किए जाने के बाद डीजीसीए को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
सरकार बना रही हवाई यात्रा महंगी
कंज्यूमर ऑनलाइन फोरम के संयोजक बेजॉन मिश्रा का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ है। सरकार निजी एयरलाइनों के साथ सांठगांठ कर हवाई यात्रा को महंगा बना रही है।