राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत चयनित अस्पतालों का भुगतान न करने पर अब जुर्माना देना होगा। बीमा योजना ने हर अस्पताल के भुगतान के लिए समय सीमा तय कर दी है। इसके लिए अब हर महीने सुनवाई होगी। इसका निस्तारण बीमा मुख्यालय में होगा।
प्रदेश में बीपीएल कार्ड धारकों के इलाज के लिए निजी और सरकारी 1258 अस्पतालों का पंजीकरण किया गया है। पिछली बार की तुलना में अस्पतालों की संख्या कम है, लेकिन इस बार ज्यादातर ऐसे अस्पताल नहीं लिए गए हैं, जिनके बारे में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इस वजह से यह अस्पताल कम हो गए हैं।
इसके साथ ही यह तय किया गया है कि अस्पतालों को भुगतान जल्दी किया जाए ताकि वह मरीजों के साथ कोई फर्जीवाड़ा न करें और ईमानदारी से उनका इलाज करें। इसके लिए बीमा कंपनियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की ओर से ताकीद कर दिया गया है कि वह अस्पतालों केभुगतान में देरी न करें। जिन मामलों में किसी गड़बड़ी का शक हो, उसे तत्काल सर्विलांस सेल को सूचित करें।
मामले की जांच होने के तत्काल बाद ही उसका भुगतान कर दें। अगर किसी तरह के फर्जीवाड़े की सूचना मिलती है तो उसकी शिकायत जिलास्तरीय, प्रदेशस्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्तर पर बनी ग्रिवांस कमेटी को भी की जा सकती है। अगर भुगतान में देरी होगी तो डेढ़ फीसदी ब्याज की दर से बीमा कंपनी से वसूली की जाएगी।