रुपये की कीमत में गिरावट के मद्देनजर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारतीय मुद्रा के लिए कोई गंभीर खतरा नहीं है। कुछ दिनों की अस्थिरता के बाद इसमें स्थिरता आ जाएगी।
जेटली ने राज्य सभा में कहा कि सभी इमर्जिंग बाजारों की मुद्राओं में उठापटक है और यह अस्थिरता डॉलर की मजबूती के चलते है लेकिन फिर भी रुपया अन्य मुद्राओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां तक इमर्जिंग देशों की चिंता की बात है तो मजबूत डॉलर के कारण एक गंभीर चुनौती है। अन्य इमर्जिंग देशों की मुद्राओं की तुलना में रुपया बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
बीते चार दिनों में रुपये में कई करणों मसलन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत घोषणा और रूस की मुद्रा रूबल में तेज गिरावट के चलते, से भारी उतार-चढ़ाव आया है।
जेटली ने कहा कि रूबल और कुछ इमर्जिंग देशों की मुद्राएं संकट का सामना कर रही है लेकिन इनकी तुलना में रुपया एक सबसे स्थित मुद्रा है। रुपये के वास्तविक मूल्य पर कोई गंभीर संकट की स्थिति फिलहाल नहीं है।