सरकार एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) पर उत्पाद शुल्क में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं लेगी। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को बजट बाद चर्चा में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह संकेत दिया है। वित्त वर्ष 2013-14 के आम बजट में सरकार ने एसयूवी पर उत्पाद शुल्क को 27 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया है।
बैठक में वित्त मंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि हम बजट में अप्रत्यक्ष कर को लेकर की घोषणाओं के संबंध में संसद में अपनी बात रखेंगे। उद्योग जगत के सुझावों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद संसद में ही कोई घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑटो सेक्टर में ऊंची ब्याज दरों की वजह से बिक्री प्रभावित हुई। ऐसे में उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कमी करने के कदम उठाएगा।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सरकार द्वारा राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की सराहना करते हुए विनिर्माण क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन की सीमा को 100 करोड़ रुपये से घटाकर 10 करोड़ रुपये करने की मांग की है।
फिक्की की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा कि निवेश प्रोत्साहन देने की अवधि दो साल से बढ़ाकर पांच साल करनी चाहिए। परियोजनाओं को मंजूरी मिलने में समय लगता है। ऐसे में इस अवधि को बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके अलावा महंगाई को देखते हुए महंगाई इंडेक्स बांड जैसे उत्पाद और लाने की जरूरत है।
चिदंबरम ने यह भी कहा कि राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए उठाए गए कदमों और उसके प्रति गंभीरता को सरकार बजट के जरिए दिखाना चाहती थी। हमें उम्मीद है कि सरकार तय लक्ष्यों के आधार पर राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण पा सकेगी। वित्त मंत्री ने बढ़ते चालू खाता घाटा पर भी चिंता जताई है।