जापान की बीमा कंपनी निप्पोन लाइफ भारत में अपनी साझेदार रिलायंस लाइफ में हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। दोनों कंपनियों के बीच इसे लेकर बातचीत चल रही है। बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करने का प्रावधान लागू होते ही निप्पोन लाइफ इसे अंजाम देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जापान के कारोबारी अखबार निक्की बिजनेस डेली ने रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला के हवाले से इस बारे में खबर दी है। झुनझुनवाला ने कहा है कि दोनों पक्ष इस बारे में बातचीत कर रहे हैं। भारतीय बीमा कंपनियों में एफडीआई की सीमा बढ़ाने संबंधी विधेयक को संसद की मंजूरी मिलते ही दोनों कंपनियों के बीच निवेश संबंधी यह करार हो सकता है।
उन्होंने कहा कि रिलायंस समूह पिप्पोन लाइफ के किसी भी नए निवेश प्रस्ताव का स्वागत करता है। झुनझुनवाला इस समय निप्पोन लाइफ और रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के बीच साझेदारी की बातचीत के लिए टोक्यो आए हुए हैं।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में रिलायंस लाइफ में निप्पोन लाइफ की 26 फीसदी हिस्सेदारी है। यह हिस्सेदारी उसने अक्तूबर 2011 में 3,062 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इससे अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस लाइफ 11,500 करोड़ रुपये की कंपनी बन गई थी।
उस समय विदेशी कंपनियों के लिए एफडीआई की अधिकतम सीमा 26 फीसदी ही थी। यह सीमा वर्तमान में भी लागू है, क्योंकि एफडीआई की सीमा को बढ़ाकर 49 फीसदी करने को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी तो मिल गई है, पर संसद से इसे मंजूरी मिलना अभी बाकी है।