राजशाही शानोशौकत वाले महलों, किलों और हवेलियों के जरिये दुनिया भर के पर्यटकों को लुभाने वाला राजस्थान का पर्यटन उद्योग अब एक नई पहचान की तलाश कर रहा है।
हेरिटेज टूरिज्म की अपनी परंपरा के साथ-साथ वह अब एडवेंचर, स्पोर्ट्स और इको टूरिज्म में भी कदम बढ़ाना चाहता है, ताकि देश के पसंदीदा पर्यटक स्थल के रूप में उसकी पहचान आने वाले वर्षों में भी बनी रहे।
उद्योग संगठन फिक्की, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय द ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार-2013 (जीआईटीबी-13) में यही मंतव्य उभर कर सामने आया।
इस आयोजन के जरिये होटलों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटन से जुड़े सहकारी महकमों और सैलानियों को एक मंच पर लाकर एक-दूसरे से सीधे जोड़ने की कवायद की गई।
जीआईटीबी-13 की प्रस्तावना पेश करते हुए फिक्की के महासचिव डा. ए दीदार सिंह ने कहा कि लगातार छह साल से आयोजित हो रहा जीआईटीबी महज एक पर्यटन मेला न होकर एक बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) प्लेटफार्म के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है।
यह इसकी एक बड़ी उपलब्धि है और पर्यटन के विकास के लिए होना भी यही चाहिए। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक (मार्केटिंग) एके गुप्ता ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन उद्योग की हिस्सेदारी फिलहाल 7 फीसदी है, जबकि रोजगार सृजन में इसकी 10 फीसदी का योगदान है।
भारत जैसे विविधता पूर्ण और ऐतिहासिक धरोहरों से भरपूर देश में इसे और भी बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए पर्यटन से जुड़े ढांचे का विकास करने के साथ-साथ इसके स्वरूप में भी नयापन लाना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार वीजा ऑन अराइवल की सुविधा का विस्तार करने पर तेजी से काम कर रही है।
राजस्थान की पर्यटन मंत्री बीना काक ने कहा कि दुनिया भर में पर्यटकों का रुझान अब हेरिटेज टूरिज्म से स्पोर्ट्स-एडवेंचर व इको टूरिज्म की ओर बढ़ रहा है। अत: वक्त की इस जरूरत को समझते हुए हमें इस ओर कदम बढ़ाना होगा।
पर्यटकों की मांगों के मुताबिक सुविधाएं और व्यवस्थाएं वाजिब दामों पर उपलब्ध करा कर राजस्थान सरकार पर्यटन कारोबार को और मजबूती देने के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके जरिये रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है।
इसी उद्देश्य से हुनर से रोजगार तक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। राजस्थान के पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यटन में नयापन लाने के लिए राज्य सरकार अब अनजाने पर्यटन स्थलों (अनएक्सप्लोर्ड डेस्टिनेशंस) को प्रमोट करने पर जोर दे रही है।
नई पर्यटन परियोजनाओं को करों व हस्तांतरण शुल्क में छूट भी देने की योजना है। इसके अलावा राजस्थान सरकार तीन नए होटल खोलने व एक होटल मैनेजमेंट इस्टीट्यूट भी खोलने जा रही है, ताकि पर्यटन उद्योग को कुशल पेशेवर उपलब्ध कराए जा सकें।
फिक्की, राजस्थान स्टेट काउंसिल के चेयरमैन व रामबाग पैलेस होटल के निदेशक महाराज जयसिंह ने कहा कि हाल के एक ग्लोबल सर्वे में पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में राजस्थान की प्रसिद्धि में कमी दर्ज की गई है। इसे एक चेतावनी (वेकअप कॉल) मानते हुए हमें टूरिज्म के ढांचे में सुधार और नयापन लाने में जुट जाना होगा।