नई चेक प्रणाली को लागू करने में आ रही दिक्कत को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक जनवरी की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है। अब यह प्रणाली एक अप्रैल 2013 से लागू होगी। इसके पहले बैंकों ने रिजर्व बैंक के साथ हुई बैठक में कहा था कि 31 दिसंबर तक सभी पुराने चेक को बदलना तथा पूरे देश में बैंकों के नेटवर्क को स्कैनर से जोड़ना मुश्किल होगा। जिसे देखते हुए एक जनवरी से लागू तिथि को बढ़ा देना चाहिए।
बैंकों के इस सुझाव को देखते हुए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को जारी निर्देश में कहा है कि अब चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस-2010) को लागू करने की प्रक्रिया 31 मार्च 2013 तक बैंक पूरा कर ले। सीटीएस-2010 के लागू होने से ग्राहकों के चेक काफी कम समय में क्लीयर हो सकेंगे। अभी यह प्रणाली एनसीआर सहित देश के बड़े शहरों में लागू है। सीटीएस प्रणाली के तहत चेक को तस्वीर के जरिए क्लीयर किया जाता है।
इस प्रणाली को एक जनवरी से लागू करने में असमर्थता जताते हुए बैंकों ने कहा था कि पूरे देश में लागू करने के लिए सभी शाखाओं को इसके लिए तैयार करना होगा। जिले के मुख्यालय के बाद गांव, कस्बों में भी बैंकों की शाखाएं हैं। साथ ही कई क्षेत्रों में बैंक की दो शाखाओं के बीच 30-35 किलोमीटर की दूरी है। ऐसे में इन सभी क्षेत्रों में नई प्रणाली के लिए स्कैनर की जरूरत होगी जो कि खर्चीला भी है और इतने कम बचे दिनों में पहुंचाना भी मुश्किल है। साथ ही नई चेक बुक भी बांटने में समय लगेगा।