नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) ने कहा है कि लौह अयस्क का खनन करने वाली कंपनी एनएमडीसी को 2007 से लेकर 2010 के बीच बाजार मूल्यों के अनुरूप घरेलू कीमतें संशोधित नहीं करने से 745.94 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। कैग की राज्यसभा में पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएमडीसी द्वारा बाजार मूल्यों के अनुरूप घरेलू कीमतों में संशोधन नहीं करने से उसे 2007 से 2010 के बीच कुल 754.94 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
कैग की रिपोर्ट की मुताबिक कंपनी ने लौह अयस्क के भाव अनावश्यक रूप से कम रखकर अपने ग्राहकों को 2010-11 के दौरान 600.83 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया। इसके अलावा, कंपनी ने निर्यात मूल्य में बढ़ोतरी के अनुरूप पूरी तरह दाम नहीं बढ़ाने से भी समीक्षाधीन अवधि में 227.40 करोड़ रुपये का नुकसान उठाय्रा।
लौह अयस्क का निर्यात करने वाले इस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने जापान की इस्पात निर्माता कंपनी जापानीज स्टील मिल्स (जेएसएम) के साथ दीर्घकालिक समझौता किया और जिस भाव पर समझौता किया जापानी कंपनी उसी भाव पर ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील के निर्यातकों से भी कच्चा माल खरीदती है। कैग ने कहा है कि निर्यात बाजार में होने वाले दीर्घकालिक समझौते ही घरेलू ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक खरीद समझौते का आधार बनते हैं।