भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से कहा है कि वह अपने ग्राहकों से लिए गए पोस्ट डेटेड चेक को नए सुरक्षा फीचरों वाले मानकीकृत चेक में बदलकर ले लें। एनबीएफसी मासिक किश्त के भुगतान के लिए अपने ग्राहकों से पोस्ट डेटेड चेक लेती हैं।
चेक में सुरक्षा फीचर बढ़ाने और उनके मानकीकरण के लिए आरबीआई ने बैंकों से दिसंबर 2012 तक ‘सीटीएस 2010’ मानक अपनाने को कहा है। 31 दिसंबर 2012 के बाद गैर सीटीएस चेक सर्कुलेशन से बाहर हो जाएंगे और बैंकों के क्लीयरिंग सिस्टम में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
रिजर्व बैंक ने अपनी अधिसूचना में कहा कि एनबीएफसी को 31 दिसंबर 2012 से पहले गैर सीटीएस 2010 मानक चेक को सीटीएस 2010 में बदल लेना होगा। देशभर में बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले चैक के मानकीकरण के लिए सीटीएस 2010 मानक को बेंचमार्क बनाया गया है। इनमें चेक पर सुरक्षा के न्यूनतम प्रावधान जैसेकि पेपर की गुणवत्ता, वाटरमार्क, बैंक का इंविजिबल लोगो आदि का प्रावधान किया जाना अनिवार्य है।