आर्थिक सुस्ती के दौर से गुजरने के बाद देश में म्यूचुअल फंड का कारोबार एक बार फिर तेजी पकड़ता दिख रहा है। दिसंबर में म्यूचुअल फंड उद्योग के प्रबंधन के तहत आने वाली परिसंपत्तियां (एयूएम) पांच फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 7.86 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गईं, जोकि तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर रहा।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में साझा रूप से देश के कुल 44 म्यूचुअल फंड हाउसों की एयूएम 7,86,543 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 7,47,333 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। यह सितंबर 2010 में एएमएफआई की ओर से तिमाही आंकड़े जारी करना शुरू किए जाने के बाद से अबतक का सबसे ऊंचा स्तर है।
हालांकि घरेलू फंड ऑफ फंड्स को अगर छोड़ दिया जाए तो बीती तिमाही में 44 फंड हाउसों का एयूएम 70,638 करोड़ रुपये रहा, जोकि बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 70,783 करोड़ रुपये पर था। म्यूचुअल फंडों की परिसंपत्तियों में बढ़ोतरी के मामले में एचडीएफसी सबसे आगे रहा। उसके अलावा रिलायंस, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल समेत कई फंड हाउसों ने एयूएम में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की।
दूसरी ओर बीएनपी परिबा, एडलवाइस, गोल्डमैन सॉक्स, प्रमेरिका और टाटा म्यूचुअल फंड की परिसंपत्तियों में जुलाई-सितंबर तिमाही की तुलना में कमी देखने को मिली। देश के 44 फंड हाउसों में से 33 ने एयूएम में बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि शेष को गिरावट देखनी पड़ी। विश्लेषकों के मुताबिक फंडों की परिसंपत्तियों में यह बढ़ोतरी घरेलू शेयर बाजार के प्रति निवेशकों की धारणा में सुधार के चलते नए निवेश के प्रति उत्साह लौटना रहा है।