बैंकिंग इंडस्ट्री में काले धन को सफेद करने के खुलासे का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को पिछले दो महीने में तीसरी बार कोबरापोस्ट ने बैंकों में मनी लांड्रिंग करने का खुलासा स्टिंग ऑपरेशन के जरिए किया है।
पोर्टल ने इस बार इंडसइंड बैंक, आईएनजी वैश्य, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के कर्मचारियों पर मनी लांड्रिंग में लिप्त रहने का आरोप लगाया है।
कोबरापोस्ट ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि मनी लांड्रिंग की समस्या पूरी प्रणाली में हैं, जो कि एक महामारी बन चुकी है। ऐसे में इस दिशा में वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक को सख्त कदम उठाने चाहिए।
पोर्टल ने यह भी कहा है कि रिजर्व बैंक नियामक की भूमिका की जगह संरक्षक की भूमिका निभा रहा है।
कोबरापोस्ट के अनुसार बैंक कर्मचारी हर स्तर पर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसके तहत जूनियर स्तर से लेकर वरिष्ठ स्तर तक के कर्मचारी शामिल हैं।
इसके पहले छह मई को पत्रिका ने देश के 23 वित्तीय संस्थानों पर मनी लांड्रिंग करने का आरोप लगाया है, जिसमें देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक से लेकर सबसे नए बैंक यस बैंक के कर्मचारियों को मनी लांड्रिंग में शामिल बताया था।
इसके अलावा स्टिंग ऑपरेशन के तहत बीमा कंपनियों पर भारतीय जीवन बीमा निगम, रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस, बिड़ला सनलाइफ आदि पर भी मनीलांड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगा था।
वहीं, मार्च में कोबरा पोस्टआईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक पर मनी लांड्रिंग के आरोप लगा चुका है, जिसकी जांच में आरबीआई ने प्रणालीगत खामियों की भी बात मानी है।
छह मई को किए गए खुलासे के बाद वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों को सख्ती करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत 31 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
इंडियन बैंक का एजीएम निलंबित
सरकारी क्षेत्र के इंडियन बैंक ने कोबरापोस्ट के स्टिंग आपरेशन में मनी लांड्रिग में लिप्त पाए गए सहायक महा प्रबंधक (एजीएम) आर मनोहरन को निलंबित कर दिया है।
बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी एम भसीन ने बताया कि स्टिंग ऑपरेशन में नामित सहायक महा प्रबंधक को दिल्ली की एमआई शाखा में पदस्थ कर निलंबित कर दिया गया है।
भसीन ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के संपादित संस्करण को उन्होंने देखा है और नामित अधिकारी सिर्फ सलाह देते हुए पाए गए हैं। उनका बैंक इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर निदेशक मंडल की बैठक में चर्चा हुयी है और इस तरह के सुझाव देने से रोकने का निर्णय लिया गया है। बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों को ग्राहकों को इस तरह की सलाह नहीं देने के निर्देश दिया गया है।