ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चालू वित्त वर्ष (2014-15) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की आर्थिक विकास दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। मूडीज ने जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में तेजी दिखाई देने की उम्मीद भी जताई है।
मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अर्थव्यवस्था के ज्यादातर क्षेत्रों में सुधार दिखाई दे रहा है। ऐसे में पूंजीगत खर्चों में आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था उठाव के शुरुआती चरण में है। अगर आर्थिक सुधार से जुड़े कदमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया, तो विकास दर 7 फीसदी के स्तर तक पहुंच सकती है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को पहली तिमाही के आंकड़े जारी होने हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 4.7 फीसदी रही थी। पूरे वित्त वर्ष के दौरान भी इसी स्तर पर रहा। इससे पहले 2012-13 में भी आर्थिक विकास दर 5 फीसदी से नीचे रही थी।