रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की रेटिंग आउटलुक स्टेबल पर बरकरार रखी है। इसके साथ ही उसने भारत की बीएए 3 रेटिंग को भी इसी स्तर पर बरकरार रखा है। देश में बचत और निवेश की दर दूसरे विकासशील देशों के औसत से बेहतर होने के चलते मूडीज ने यह कदम उठाया है। हालांकि एजेंसी ने चेताया है कि राजनीतिक अनिश्चितता के चलते छोटी अवधि में देश की आर्थिक विकास दर कुछ धीमी रह सकती है। ग्लोबल आर्थिक सुस्ती भी जीडीपी में धीमेपन की वजह बन सकती है।
‘क्रेडिट एनालिसिस ऑन इंडिया’ शीर्षक से जारी अपनी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा है कि बढ़ता वित्तीय घाटा भारत की रेटिंग पर दबाव डाल सकता है। वित्त वर्ष 2013 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 5.4 फीसदी और वित्त वर्ष 2014 में 6 फीसदी या उससे ऊपर रहने का अनुमान है। इसके साथ ही रिपोर्ट में देश में आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में कमजोरी, प्रतिव्यक्ति आय का नीचा स्तर और सामाजिक सुरक्षा की खराब स्थिति का दबाव देश की अर्थव्यवस्था व रेटिंग पर पड़ने की बात भी कही गई है।
हालांकि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सुधार और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए सुधारात्मक कदमों की सराहना करते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया गया है। देश के प्राइवेट सेक्टर के प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन से देश की आर्थिक विकास दर वित्त वर्ष 2013 में 5.4 फीसदी और 2014 तक 6 फीसदी पर पहुंचने की संभावना भी मूडीज ने जताई है।