अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने फ्रांस की रेटिंग घटाते हुए उसे एए-1 के सर्वोच्च ग्रेड से हटा दिया है। साथ ही उसने भविष्य में रेटिंग में और कटौती किए जाने के प्रति भी फ्रांस को सचेत किया है, जिससे फ्रांस की अर्थव्यवस्था पर एक नया दबाव आ गया है।
इससे पहले सोमवार को ही फिच ने चेतावनी दी थी कि वह मध्यम अवधि के लिए फ्रांस की रेटिंग में कटौती कर सकता है। फ्रांस की रेटिंग में कटौती की यह घोषणा मूडीज ने ऐसे समय में की है जब देश के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और गठबंधन के सहयोगियों के बीच भारी मतभेद चल रहे हैं। यही नहीं विपक्ष भी सरकार का तीखा विरोध कर रहा है।
मूडीज ने अपने वक्तव्य में फ्रांस की अर्थव्यवस्था में कई ढांचागत परेशानियों की ओर संकेत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करने की उसकी क्षमता पर सवाल उठाया है। वक्तव्य में कर्ज में डूबे यूरोजोन के देशों की वित्तीय जरूरतों का असर भी फ्रांस की अर्थव्यवस्था पर आने वाले महीनों में दिखाई देने की बात कही गई है। गौरतलब है कि जनवरी में स्टेंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा रेटिंग घटाने और फिच द्वारा ऋण साख पर कमजोर रुख बरकरार रखने के बाद मूडीज फ्रांस की रेटिंग के प्रति नकारात्मक रुख दिखाने वाली तीसरी रेटिंग एजेंसी है।