गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बाद अब योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी गूगल हैंगआउट के सहारे अपने विभाग की गतिविधियों, आम आदमी के हितों के लिए उनकी सोच को आम जन तक पहुंचाने और प्रतिक्रिया प्राप्त करने का निर्णय किया है।
12वीं पंचवर्षीय योजना में तमाम क्षेत्रों के विकास के लिए योजना आयोग ने क्या खाका तैयार किया है, इसका लाभ जनता तक कैसे पहुंचेगा और ऐसे ही तमाम सवालों का जवाब वह इस माध्यम से देंगे।
मोंटेक सिंह ने बताया कि योजना आयोग की 63वीं वर्षगांठ पर इसका आयोजन शुक्रवार को किया जाएगा। सोशल नेटवर्किंग साइट की मदद से पंचवर्षीय योजना के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने और उनकी राय लेने के लिए यह शुरुआत है।
अगले कुछ दिनों में ही आयोग 12वीं पंचवर्षीय योजना को ट्वीटर, फेसबुक, गूगल प्लस, यू ट्यूब जैसे माध्यम से सार्वजनिक करेगा। मोंटेक ने कहा कि यह नया तरीका युवाओं तक सरकार की मंशा और उनकी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का काम करेगा।
कई ऐसे सवाल आम आदमी के जेहन में हैं, जिसपर आयोग की राय स्पष्ट करना जरूरी है। उन्हें इस माध्यम से तमाम भ्रांतियों को दूर करने का मौका भी मिलेगा।
मोंटेक ने कहा कि वह गरीबी की नई परिभाषा और योजना आयोग में शौचालय निर्माण में खर्च किए गए लाखों रुपये जैसे तमाम विवादास्पद सवालों के जवाब देने के लिए भी खुद को तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह आम आदमी के किसी भी सवाल के जवाब देने के लिए तैयार है। इस दौरान उनके साथ आयोग के अन्य सदस्य भी शामिल होंगे। आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 8 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा है।