विदेशों से अपने घर वालों और प्रियजनों को रकम भेजना आने वाले दिनों में आसान हो सकेगा। मनी ट्रांसफर सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने नियम आसान कर दिए हैं।
अब पूरी तरह से मनी चेंजर का काम करने वालों के लिए अधिकृत डीलर बनना आसान हो सकेगा। रिजर्व बैंक के नए निर्देश के तहत डीलर बनने के लिए 50 लाख रुपये नेट ओन फंड रखना होगा।
आरबीआई के इस कदम से देश में मनी ट्रांसफर सेवाएं देने वाले एजेंट और सब एजेंट की संख्या में बढ़ोतरी हो सकेगी। जिसका फायदा लोगों तक इस तरह की सेवाएं देने वाले एजेंट की ज्यादा पहुंच के रूप में दिखेगा।
दिशानिर्देश के अनुसार भारतीय अधिकृत डीलर के साथ विदेश में स्थित कारोबारी को भारतीय बैंक में एजेंट की तरफ से अधिकतम 50 हजार डॉलर की राशि गारंटी के रूप में देनी होगी। सब-एजेंट रखने का अधिकार भी अधिकृत डीलर को नए दिशानिर्देश में दे दिया है।
यानी, अधिकृत डीलर अपनी मर्जी से सब एजेंट रख सकेगा। साथ ही डीलर को यह छूट होगी कि सब एजेंट के रूप में अधिकृत करने के लिए आपसी समझौते से फीस तय कर सके।
बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मनी ट्रांसफर सेवाएं देने के लिए देश में बैंकों के अलावा कुछ शहरी सहकारी बैंक, कुछ ग्रामीण बैंकों के अलावा पूरी तरह से मनी चेंजर का काम करने वाले एफएमसीसी शामिल हैं। नए नियमों से मनी ट्रांसफर सेवाओं का तेजी से विस्तार हो सकेगा।