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पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति पर जल्द फैसला करेगी मोदी सरकार

Sun, 20 Jul 2014 09:03 PM IST
सुजय मेहदूदिया/नई दिल्ली
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भारत से पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति की योजना जल्द ही मूर्त रूप से ले सकती है। मोदी सरकार पाकिस्तान को री-गैसीफाइड गैस निर्यात को सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) से मुक्त कर इस दिशा में पहला कदम उठाने की तैयारी में है। पाकिस्तान के लिए गैस की कीमत हेनरी हब गैस कीमतों के आधार पर तय की जाएगी।
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पाकिस्तान को गैस की जरूरत है और वह परिवारों और उद्योगों को गैस वितरित करने के लिए लाहौर में गैस चाहता है। इसके लिए कई दौर की बातचीत पहले ही हो चुकी है और इसकी राह में आने वाली कई तरह की दिक्कतों का समाधान किया जा चुका है। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल इंडिया पाकिस्तान को 5 एमएमएससीएमडी गैस की आपूर्ति करने के लिए बार्डर तक पाइपलाइन बिछाने के लिए शुरुआती कदम उठा रही है।

गेल ने कहा है कि अगर उसे जालंधर से वाघा तक रास्ते का पूरा अधिकार मिले तो वह गैस पाइपलाइन 18 माह में बिछा सकता है। जालंधर तक दादरी-बवाना-नांगल पाइपलाइन (डीबीएनपीएल) पहले ही बिछाई जा चुकी है। इस पर 2,300 करोड़ रुपये लागत आई है। इसे जालंधर से अमृतसर हो कर वाघा तक बढ़ाने से पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति की जा सकती है।
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आरएलएनजी से निर्यात की सूरत में सीमा शुल्क माफ करने की पाकिस्तान की मांग पर विचार-विमर्श चल रहा है। इसको लेकर वित्त मंत्रालय ने सकारात्मक रुख दिखाया है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला केंद्र की मोदी सरकार को ही करना है। प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले सुलझाया जाने वाला यह अहम मुद्दा है।

गेल ने राजस्व सचिव के सामने कर से जुड़े मामलों का पूरा ब्योरा रखा है। गेल ने यह प्रेजेंटेशन वित्त मत्रालय द्वारा कस्टम कमिश्नर, अमृतसर को कर छूट के मुद्दे को सुलझाने के लिए तौर-तरीके तय करने का निर्देश दिए जाने के बाद पेश किया है। गेल को इसमें सहयोग करने को कहा गया था।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने पहले बजट में पड़ोसी देशों को बिक्री के लिए लिक्विीफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) के आयात को सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया है। इसी के तहत पाकिस्तान को रि-गैसीफाइड एलएनजी की आपूर्ति को सीमा शुल्क से मुक्त करने की तैयारी की जा रही है। इससे गेल के लिए पाकिस्तान को 5 करोड़ यूनिट गैस प्रतिदिन आपूर्ति करने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करना आसान हो जाएगा।

गौरतलब है कि भारत ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर ईरान से पाकिस्तान हो कर भारत तक पाइपलाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ा रहा था। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना था कि गैस की आपूर्ति के लिए पाकिस्तान पर निर्भरता से देश की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
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